स्वारघाट (बिलासपुर)। उपमंडल स्वारघाट के अंतर्गत नयनादेवी की खरकड़ी पंचायत की दो पेयजल योजनाओं का मामला सवालों के घेरे में फंस गया है। नयनादेवी के विधायक रामलाल ठाकुर ने उपरोक्त मामले को विधानसभा में जोर शोर से उठाया। इसके बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर के दिशा-निर्देश पर आईपीएच विभाग के शिमला के चीफ इंजीनियर की अगुवाई में एक टीम ने खरकड़ी पंचायत की काला कुंड व कनफारा उठाऊ पेयजल योजनाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण टीम रिपोर्ट को जल्द ही आईपीएच मंत्री को सौंप देगी।
नयनादेवी क्षेत्र की ग्राम पंचायत खरकड़ी के प्रधान अशोक कुमार ने बताया कि 17 मार्च को शिमला के चीफ इंजीनियर, बिलासपुर से अधीक्षण अभियंता धर्मेंद्र गिल, अधिशाषी अभियंता अरविंद वर्मा, आईपीएच उपमंडल स्वारघाट के सहायक अभियंता देशराज सेठी व कनिष्ठ अभियंता शुभम गौतम ने उठाऊ पेयजल योजना खरकड़ी व उठाऊ पेयजल योजना कनफारा का निरीक्षण किया।
नयनादेवी क्षेत्र में काला कुंड उठाऊ पेयजल योजना 1992 में बनी थी। लेकिन आईपीएच में स्टाफ की कमी के चलते करोड़ों से बनी उक्त योजनाओं को राजनीति का शिकार होना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि कनफारा उठाऊ पेयजल योजना का शिलान्यास 6 अगस्त 2012 को सांसद अनुराग ठाकुर ने किया था। इसके बाद यह योजना जनवरी 2016 में बनकर तैयार हुई, लेकिन शुरू नहीं हो पाई।
पिछले साल रामलाल ठाकुर ने 11 लाख के बजट से पाइप लाइन बिछाकर कनफारा गांव को पानी मुहैया कराया था। लेकिन कुछ दिन चलने के बाद अब पानी नही दिया जा रहा है। बताया जा रहा कि राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण ही उक्त सारा घटनाक्रम चल रहा है। जिस कारण खरकड़ी पंचायत के भटेड़ए चिल्टए मलेटा व खरकड़ी व कनफारा की तीन हजार आबादी को परेशान होना पड़ रहा है।
आईपीएच स्वारघाट के सहायक अभियंता ने बताया कि सिल्ट के कारण काला कुंड पेयजल योजना में दिक्कत आती रहती है। इस कारण अक्सर पंप व मोटर खराब हो जाती है। हालांकि लोगों को पेयजल आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने बताया कि शिमला से उच्चाधिकारियों की टीम कनफारा व काला कुंड उठाऊ पेयजल योजनाओं का निरीक्षण करके लौट गई है।