बरठीं (बिलासपुर)। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा भले ही कागजों में बढ़ गया हो, लेकिन अभी भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जैसी ही सुविधाएं मिल रही हैं। इस कारण स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हालात यह है कि राजनीतिक उपेक्षा के चलते स्वास्थ्य केंद्र में तीन वर्षों से लाखों की एक्स-रे मशीन बिना तकनीकी सहायक के कमरे में धूल फांक रही है। जगह की कमी के चलते स्वास्थ्य कर्मियों ने अब एक्सरे मशीन के कमरे में दवाइयों का स्टोर बना दिया है।
लोगों संजीव कुमार, दिनेश कौशल, दिनेश परासर, सुदर्शन परासर, आंचल शर्मा, नरेश कुमार सहोड़, प्रवीण कुमार, राम प्रकाश गौतम, प्रमोद गौतम, प्रकाश चंद, देशराज, उपेंद्र सिंह, अनूप जंवाल, राजेंद्र शर्मा, हरी सिंह, वासुदेव, जगदीश चंद, रसील सिंह सहित अन्यों ने बताया कि गत वर्ष पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इस अस्पताल को पचास बिस्तर वाला सिविल अस्पताल करने की घोषणा की थी। लेकिन अभी तक हालात पीएससी वाले ही हैं। हालत यह है कि बरठीं के अस्पताल में तीन वर्षों से एक्स-रे मशीन धूल फांक रही है। पहले विभाग थ्री फेस लाइन का बहाना बनाकर अपना पल्लू झाड़ता रहा है। लेकिन अब लगभग एक वर्ष से थ्री फेस लाइन भी कर दी गई है। लेकिन एक्सरे मशीन जस की तस है और उस कमरे में दवाइयों का ढेर लगा रखा है। इसके अलावा दंत चिकित्सक के न होने से लोगों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में दंत चिकित्सक, नेत्र चिकित्सक, एक्स-रे तकनीकी सहायक, दो स्वीपर व बिस्तरों की कमी की के कारण लोग बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से महरूम हैं।
अस्पताल प्रभारी डॉ. दीपिका शर्मा ने बताया कि नेत्र चिकित्सक व अन्य खाली चल रहे चिकित्सकों के पदों के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है।
उधर, खंड स्वास्थ्य अधिकारी राजीव गर्ग ने बताया कि चिकित्सा केंद्र बरठीं को सिविल अस्पताल बनाने की नोटिफिकेशन हो चुकी है और धीरे-धीरे समस्याओं का समाधान कर दिया जाएगा।