अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर/झंडूता। झंडूता के बेहरन में फर्जी हिमाचली प्रमाण पत्र बनवाते पकड़े युवक ने पुलिस के समक्ष कई राज उगले हैं। आरोपी शिशुपाल (22) गांव नगलामहू जिला अलीगढ़ पर क्रिकेट खेलने का इतना खुमार है कि उसने अलग-अलग उम्र के कई आधार कार्ड बनाए हुए हैं। उसने 16, 19, 20, साल की उम्र के जाली आधार कार्ड बनाए हुए थे ताकि वह हर उम्र की टीम का हिस्सा बनकर क्रिकेट मैच खेल सके।
पुलिस को उसके पास से एक मतदान पहचान पत्र भी बरामद हुआ है, जो उत्तर प्रदेश का है। इस पर भी उसका नाम पता व जन्मतिथि अलग है। बहरहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और फिर रिमांड पर लेने के लिए शुक्रवार को उसे दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा।
गौरतलब है कि हिमाचल की अंडर-19 क्रिकेट टीम में शामिल होने के लिए उत्तरप्रदेश का एक युवक हिमाचली प्रमाण पत्र बनवाते पकड़ा गया था। उसने बिलासपुर के स्थायी निवासी अपने दोस्त सेर गांव के सौरव का आधार कार्ड चुराकर उस पर अपना फोटो चिपका दिया। वह हिमाचल का प्रमाण पत्र बनवाने बेहरन पटवारघर पहुंचा, तो उसकी चालाकी पटवारी ने पकड़ ली। शिशुपाल और उसका दोस्त सौरव चंडीगढ़ में निजी अकादमी में क्रिकेट की कोचिंग ले रहे थे।
यहीं पर उसने हिमाचल क्रिकेट टीम का हिस्सा बनने के लिए धोखाधड़ी की। डीएसपी बिलासपुर संजय शर्मा का कहना है कि युवक के पास से अलग-अलग उम्र के दो से तीन आधार कार्ड मिले हैं जिन पर जन्मतिथि अलग-अलग है।
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2007 में हुआ था ऐसा फर्जीवाड़ा
क्रिकेट मैच को लेकर 2007 में ही ऐसा ही एक फर्जीवाड़ा हुआ था जिसमेेें अधिकारियों सहित तहसीलदार फंसे थे। शिमला विजिलेंस की टीम इस मामले की जांच कर रही थी। इसमें भी कई युवाओं के फर्जी हिमाचली प्रमाण पत्र बनाकर हिमाचल की टीम से खिलाया गया था। इसमें राजनेताओं के नाम भी सामने आए थे।