अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। बसों की कमी के चलते ग्रामीण रूटों पर अकसर निगम की बसों में ओवरलोडिंग हो रही है। बरसात के मौसम में ओवरलोडिंग के चलते हादसे की आशंका बनी रहती है क्योंकि क्षेत्र की अधिकतर सड़कें खस्ताहाल हो चुकी हैं। इन खस्ताहाल सड़कों पर कभी भी ओवरलोडिड बसों से कोई भी घटना घट सकती है। ग्रामीणों की बार-बार मांग के बावजूद भी निगम अतिरिक्त बसें नहीं चला रहा है।
बिलासपुर से भ्युंखर और भ्यूंखर से बिलासपुर के लिए आने-जाने वाली बस का यही हाल है। कोई भी दिन ऐसा नहीं होता कि यह बस ओवरलोड न हुई हो। वैसे भी इस रूट पर हर रोज स्कूल, कॉलेज और सरकारी कार्यालयों को आने वाले यात्रियों की संख्या 90 से 100 के बीच में है। इस रूट पर 34 सीटों वाली नीली बस चलाई जा रही है जो हर रोज ओवरलोड होकर आती है। बस बिलासपुर लगभग साढ़े नौ के करीब पहुंचती है और भ्यूंखर से बिलासपुर तक इसमें यात्री न केवल खड़े-खड़े आते हैं, बल्कि उन्हें उतरने और चढ़ने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बस में रोजाना सफर करने वाले श्यामलाल, प्रकाश, लीलादेवी, ज्ञानचंद, राकेश कुमार और हेमराज ने बताया कि इस बारे में वह कई बार बिलासपुर में हिमाचल पथ परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक को बोल चुके हैं लेकिन कोई भी संतोषजनक उत्तर नहीं दिया जाता। हेमराज और प्रकाश का कहना है कि उन्हें तो जवाब दिया जाता है कि इस रूट पर चलाने के लिए कोई भी और बस है ही नहीं तो यही बस चलेगी।
इस बारे में हिमाचल पथ परिवहन निगम बिलासपुर के क्षेत्रीय प्रबंधक पवन शर्मा का कहना है कि यह समस्या बिलासपुर जिले में सुबह चलने वाले कई रूटों पर आ रही है और इस समय बिलासपुर आने वाले स्कूल व कॉलेज के विद्यार्थियों की संख्या अधिक होती है जिससे यह परेशानी आ रही है। इस समय बिलासपुर डिपो में नीली बसों की संख्या अधिक है और इस समस्या के बारे में उन्होंने अपने हैड ऑफिस को सूचित भी किया है।