स्वारघाट (बिलासपुर)। उपमंडल स्वारघाट के कई गांवों में लोग तेंदुए के आतंक के साए में जिंदगी जीने को मजबूर हैं। पिछले कल ही स्वारघाट के पास नालियां गांव में दो तेंदुओं ने तीन महिलाओं व दो बच्चों पर हमला कर दिया था। हालांकि उन्होंने भागकर अपनी जान बचा ली थी। अब स्वारघाट के जकातखाना क्षेत्र के दौलाधार गांव में भी तेंदुए के आतंक से ग्रामीण व बच्चे भयभीत हैं। तेंदुए के आतंक से निजात पाने के लिए राजकीय प्राथमिक पाठशाला दौलाधार की स्कूल प्रबंधन समिति की बैठक हुई।
स्कूल प्रबंधन समिति दौलाधार की बैठक की अध्यक्षता समिति के प्रधान संजय कुमार ने की। बैठक में बताया कि दौलाधार गांव में तेंदुए ने कई पालतू जानवरों को अपना निवाला बना लिया है। लोगों को कभी दिन तो कभी रात के समय तेंदुआ मिल रहा है। दौलाधार के निवासी राजू पुत्र सुरजन पर एक दिन पहले ही यह तेंदुआ हमला कर चुका है। इस हमले में राजू बाल-बाल बचा है। राजकीय प्राथमिक पाठशाला दौलाधार के सभी बच्चे इसी गांव से होते हुए स्कूल आते जाते हैं। तेंदुए को पकड़ने के लिए दौलाधार गांव में वन विभाग को जल्द पिंजरा लगाना चाहिए।
स्कूल प्रबंधन समिति दौलाधार ने बताया कि पिछले कल वन विभाग ने टिक्कर गांव में सड़क के समीप एक पिंजरा लगाया है। जबकि वन विभाग को चाहिए था कि उक्त पिंजरा दौलाधार के जंगल के आसपास लगाया जाता। ग्रामीणों ने मांग की है कि टिक्कर गांव में रखे गए पिंजरे को शिफ्ट करके दौलाधार के जंगल में लगाया जाए।
बैठक में ममता देवी, अनीता देवी, श्याम देई, कृष्ण लाल, व्यासा देवी, सुभाष चंद, प्रकाश चंद, लीला देवी, रोशनी देवी, श्री राम, राजू, रूपलाल, रामपाल, वन अधिकार समिति दौलाधार की प्रधान कमला देवी व समाज सुधार समिति के सचिव रवींद्र परमार मौजूद रहे।