अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर।
बिलासपुर शहर में चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने के मामले में चुनाव आयोग ने हरकत में आते हुए देर रात सरकारी संपत्तियों पर लगे भाजपा के होर्डिंग,
झंडों और लड़ियों को हटाया। इस मौके पर एसडीएम सदर हरीश गज्जू ने मौके पर पहुंचकर अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मोर्चा संभाला। इसका सारा खर्च भी बीजेपी से वसूला जाएगा। इसका बिल भी पार्टी को चुनाव आयोग ने थमा दिया है। हालांकि अभी भी जिला के कई स्थानों में भाजपा की प्रचार-प्रसार समाग्री लगी हुई है। इसके अलावा चुनाव आयोग ने भाजपा को तय समय में शेष बचे होर्डिंग और झंडों को हटाने के निर्देश दिए हैं। अगर ऐसा नहीं किया गया तो पार्टी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। खबर की पुष्टि एसडीएम सदर हरीश गज्जू ने की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली को लेेकर पूरे बिलासपुर शहर और जिला को भाजपा ने पोस्टरों, लड़ियों और झंडों से सजा दिया था। मगर चुनावों की घोषणा के बाद भी सरकारी भवनों और निजी भवनों से नहीं हटाया गया। इसकी शिकायत कांग्रेस ने चुनाव आयोग से की थी। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए शनिवार रात आठ बजे एसडीएम सदर हरीश गज्जू ने कार्रवाई करते हुए भाजपा को नोटिस जारी किया गया। इसके बाद उन्होंने खुद मौके पर पहुंचकर कॉलेज चौक, गुरुद्वारा चौक और बस अड्डा चौक सहित अन्य क्षेत्रों से पार्टी के प्रचार प्रसार संबंधित सामग्री को हटाया गया। इसके अलावा उन्होंने भाजपा के नेताओं को भी मौके पर निजी संपत्तियों पर लगे झंडों को उतारने और एनओसी जमा करवाने को भी कहा गया है। उन्होंने साफ किया कि आचार संहिता का उल्लघंन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके अलावा जिन पोस्टरों, बैनरों, लड़ियों, झंडों को विभागों के कर्मियों ने उतारा है, उसके खर्चे का बिल भी भाजपा को जारी कर दिया गया है। एसडीएम सदर डॉ. हरीश गज्जू ने बताया कि आचार संहिता का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि भाजपा को इसके लिए नोटिस भेजे गए हैं। जबकि निजी संपत्तियों पर लगे झंडों की एनओसी भी लाने को कहा गया है। अगर ऐसा नहीं करते हुए आईपीसी 171 के तहत कार्रवाई भी की जा सकती है। इसमें दो साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।