अमर उजाला ब्यूरो
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं उपमंडल और जिले के विभिन्न स्थानों के दुकानदारों को अपने नए लाइसेंस बनाने और उनके नवीनीकरण के लिए मुख्यालय के बार-बार चक्कर काटने पड़ रहे हैं। दुकानदारों को अपने लाइसेंस जिनमें फूड व लेबर लाइसेंस शामिल हैं बनवाने के लिए और नवीनीकरण के लिए जिला मुख्यालय जाना पड़ता है। इससे दुकानदारों को समय के साथ-साथ पैसे की भी बर्बादी होती हैं।
घुमारवीं और उसके आसपास के क्षेत्रों के दुकानदारों में प्रदीप कुमार, मंजीत सिंह, रणजीत सिंह, कल्पना देवी, दयाराम, बलवीर सिंह, बलवीर ठाकुर, दलजीत सिंह, रमजान, रवि ठाकुर, लाल सिंह सहित कई दुकानदारों ने कहा कि पहले फूड का लाइसेंस घुमारवीं अस्पताल में ही बनता था, लेकिन अब यह जिला अस्पताल में ही बनता है या ऑनलाइन बनता है। इसके लिए भी कई महीनों तक इंतजार करना पड़ता है।
दुकानदारों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से आग्रह किया है कि जैसे मापतोल विभाग जिले के विभिन्न स्थानों पर महीने में एक या दो दिन शिविर आयोजित करता है, उसी तर्ज पर संबंधित विभाग इसके शिविरों का आयोजन करे। इससे एक तो दुकानदारों को घरद्वार पर सुविधा उपलब्ध हो जाएगी, वहीं उनको समय के साथ-साथ पैसे की भी बचत होगी।
व्यापार मंडल घुमारवीं के प्रधान हेमराज संख्यान ने कहा कि इस बारे में संबंधित विभागों के अधिकारियों से बात की जाएगी और उनसे आग्रह किया जाएगा कि महीने में एक शिविर कम से कम तीन दिनों का घुमारवीं में लगाया जाए।
घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेंद्र गर्ग ने कहा कि दुकानदारों को समस्या न हो इसके लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को शीघ्र ही निर्देश दिए जाएंगे कि शिविरों में ही दुकानदारों के लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया को अमलीजामा पहनाया जाए। इससे दुकानदारों का समय और पैसे बर्बाद नहीं होगे।
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