बिलासपुर। जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी को लेकर मरीजों और लोगों ने सीएमओ का घेराव किया। जिला अस्पताल में एनएसयूआई, कांग्रेस सेवा दल और अस्पताल में इलाज करवाने पहुंचे मरीजों ने सीएमओ कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
माहौल तनावपूर्ण होता देख मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा। सीएमओ ने आश्वासन दिया कि इस बारे में जल्द ही वह एमएस व उच्च अधिकारियों से बात करेंगे।
एनएसयूआई और कांग्रेस सेवा दल के पदाधिकारियों ने सीएमओ को 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर तय समय में डॉक्टर नहीं आए तो सीएमओ कार्यालय के बाहर उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। इसकी जिम्मेवारी जिला प्रशासन व सरकार की होगी। अगर इसके लिए गिरफ्तारियां भी देनी पड़ीं तो गुरेज नहीं करेंगे।
एनएसयूआई शिमला के प्रभारी रोहित शर्मा की अध्यक्षता में सीएमओ को ज्ञापन भी सौंपा गया। शर्मा ने कहा कि जिला अस्पताल में केवल 12 ही डॉक्टर तैनात हैं। इससे स्थानीय लोगों व ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जब सीएमओ से डॉक्टरों की कमी को लेकर पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल का जिम्मा एमएस का है। उनका कार्य केवल पूरे जिला का है। यह बात सुनकर मरीज व युवा भड़क उठे। काफी देर तक चले विवाद के बाद सीएमओ ने लोगों को समझाया कि वह इस बारे में एमएस से बात करेंगे। सोमवार को सीएमओ, एमएस व लोगों के बीच बैठक होगी। एनएसयूआई ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर 15 दिनों के भीतर डॉक्टर यहां पर नहीं आए तो आंदोलन किया जाएगा।
सीएमओ बिलासपुर वीके चौधरी ने कहा कि डॉक्टरों की कमी को लेकर एमएस व आला अधिकारियों से बात की जाएगी। सीएमओ कार्यालय के अंदर जब सीएमओ का घेराव किया गया तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। कर्मचारियों ने कोई अप्रिय घटना न हो इसके लिए क्यूआरटी बुला ली। सीएमओ कार्यालय पुलिस छावनी में बदल गया था। सीएमओ आफिस से लेकर बाहर गेट तक पुलिस बल तैनात था।