शाहतलाई (बिलासपुर)।
चैत्र मेलों में बाबा की नगरी को सुंदर और स्वच्छ बनाए रखने के लिए नगर पंचायत तलाई ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। शनिवार को नगर पंचायत अध्यक्ष बलदेव सिंह स्याल की अध्यक्षता में नगर पंचायत और शाहतलाई में चल रही धर्मशालाओं के संचालकों की बैठक हुई।
बैठक में कहा गया कि नगर पंचायत शाहतलाई को सुंदर और स्वच्छ देखना चाहती है। इसके लिए धर्मशाला संचालकों को को धर्मशाला के बाहर कूड़ादान रखने होंगे। जब ये भर जाएं तो नगर पंचायत को सूचना देनी होगी। कूड़ेदान के बाहर गंदगी सहन नहीं होगी। नगर पंचायत धर्मशाला संचालकों से सफाई शुल्क के रूप में 5 से 20 हजार रुपये लेगी। धर्मशाला संचालकों को धर्मशाला में बने सेप्टिक टैंकों को समय रहते खाली करने की हिदायत दी। साथ में कहा कि सेप्टिक टैंकों की गंदगी को खुले में अथवा खड्ड में न फेंकें। अगर कोई इसका उल्लंघन करेगा तो उसे 25 हजार जुर्माना और धर्मशाला को सील भी किया जा सकता है।
संचालकों को धर्मशाला में नोटिस बोर्ड लगाने को कहा गया है। इस पर धर्मशाला में ठहरने का किराया दर्शाया होना चाहिए। आपातकालीन सेवाओं के नंबर लिखे जाए। धर्मशाला में उपलब्ध सेवाओं को भी दर्शाया जाए। धर्मशाला संचालकों को कहा कि धर्मशालाओं में किसी भी प्रकार के वाहन की पार्किंग न की जाए, श्रद्धालुओं को उतारने के बाद वाहन को पार्किंग में खड़ा किया जाए। धर्मशालाओं के अंदर लगने वाले लंगरों में शुद्ध भोजन परोसें। बचा हुआ खाना इधर-उधर न फेंके। पॉलिथीन और डिस्पोजल का प्रयोग न करें। धर्मशाला में आने वाले हर श्रद्धालुओं से पहचान पत्र जो फोटोयुक्त हो उससे लें। इसके अलावा हर धर्मशाला में दो-दो सीसीटीवी कैमरे लगाने की हिदायत भी दी। धर्मशालाओं के अंदर ढोल-स्पीकर बजाने पर प्रतिबंध होगा।
इस अवसर पर नगर पंचायत तलाई के उपाध्यक्ष बृजलाल, पार्षद सरोज कुमारी, पार्षद सुनीता देवी, रामी देवी, झंडूता के तहसीलदार और नगर पंचायत के कार्यकारी सचिव ओपी लखनपाल, नगर पंचायत के कनिष्ठ अभियंता संजय पठानिया, थाना प्रभारी श्याम प्रसाद, विनोद कुमार ठाकुर, अनिल कुमार व धर्मशालाओं के संचालक उपस्थित थे।