कोलबांध विस्थापितों के लिए खुशी की बात है। विस्थापितों को कोलबांध से मिलने वाली एक प्रतिशत की राशि प्रशासन के पास पहुंच चुकी है। हालांकि, अभी तक यह राशि पूरी नहीं आई है। लेकिन 20 माह की राशि प्रशासन के पास पहुंच चुकी है। इससे अब 647 परिवारों को इसका लाभ मिलना है। जबकि, वास्तव में 1200 के करीब परिवार विस्थापित हैं। इन परिवारों का डाटा अभी तक प्रशासन के पास नहीं पहुंचा है।
विस्थापितों के लिए परियोजना प्रबंधन की ओर से मिलने वाली एक प्रतिशत राशि की 50 लाख की पहली किस्त जमा करवा दी गई है। यह राशि केवल बीस माह की है। प्रशासन का कहना है कि अभी कंपनी की ओर से एक प्रतिशत को लेकर शेष राशि भी जमा करवाई जाएगी। इसके अलावा परियोजना प्रबंधन ने विस्थापितों को मिलने वाली 100 यूनिट बिजली के लिए भी अलग से 20 लाख रुपये जमा करवाए हैं। यह राशि भी 20 माह की है। कोलबांध परियोजना को शुरू हुए तीन साल हो चुके हैं। लेकिन, इसका उद्घाटन दो साल पहले हुआ है। कोलबांध में 800 मेगावाट बिजली प्रतिदिन पैदा की जाती है लेकिन, कई बार 872 मेगावाट बिजली का भी उत्पादन किया जाता है। गौरतलब है कि इस परियोजना के बनने से कई गांव पानी में डूब गए थे। करीब 1200 परिवारों को अपने घर छोड़ कर कहीं दूसरी ओर बसना पड़ा था। हालांकि, परिवारों को जमीनों का पैसा मिला था लेकिन जमीनों के चले जाने से लोग बेघर हो गए थे। इसी के साथ ही जब एमओयू साइन हुआ था तो इसमें विस्थापितों को परियोजना के मुनाफे का एक प्रतिशत और सौ यूनिट बिजली का पैसा विस्थापितों को दिया जाना तय किया गया था। काफी समय से विस्थापित पैसों की राह देख रहे थे। हालांकि अभी भी लोग इस बात से पूरी तरह खुश नहीं है क्योंकि उन्हें उम्मीद थी कि सारा पैसा एक साथ मिलेगा। लोगों को यह पैसा अगस्त 2015 से मिलना तय हुआ है।
31 मार्च के बाद आएगा प्रशासन के पास और पैसा
विभागीय अधिकारियों की मानें तो 31 मार्च के बाद प्रशासन के पास और पैसा पहुंचने वाला है, जिससे विस्थापितों को लाभ मिलेगा। अधिकारियों की मानें तो प्रबंधन की ओर से धीरे-धीरे पैसा मुहैया करवाया जा रहा है, जो विस्थापितों के खाते में एसडीएम कार्यालय के माध्यम से डाला जाएगा।
प्रशासन के पास पहुंचा पैसा : उपायुक्त
उपायुक्त बिलासपुर विवेक भाटिया का कहना है कि विस्थापितों का लाभ एक प्रतिशत का पैसा और 100 यूनिट बिजली का पैसा प्रशासन के पास पहुंच चुका है। जिनके नाम लिस्ट में हैं, उन्हें जरूरी कागजात कार्यालय में जमा करवाने होंगे।