भारी सर्दी के बाद भी धार्मिक स्थलों और शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। सुबह से शक्तिपीठ श्री नयना देवी और बाबा बालक नाथ मंदिर शाहतलाई में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। दोनों स्थानों पर प्रदेश के अलावा दूसरे राज्यों के श्रद्धालुओं ने भी पहुंच कर माथा टेका और आशीर्वाद लिया। गौर रहे कि प्रदेश के अलावा पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, यूपी और विदेशों के भी श्रद्धालु यहां पहुंचे है।
रविवार को बाबा बालकनाथ तपोस्थली शाहतलाई मंदिरों में ज्येष्ठ रविवार के चलते श्रद्धालुओं ने माथा टेककर बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रद्धालुओं के कारण मंदिरों में खूब रौनक देखी गई। अधिकतर श्रद्धालु पंजाब और हिमाचल के थे। भक्तों ने बाबा जी को रोट चढ़ाकर मन्नतें मांगीं। शादी के बाद ही कुछ जोड़े बाबा का आशीर्वाद लेने के लिए शाहतलाई पहुंचे।
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प्रदेश के कई जिलों में नवविवाहित दूल्हा-दुल्हन बाबा का आशीर्वाद लेने के लिए आते हैं। इसी परंपरा का पालन करते हुए कई परिवार भी बाबा बालक नाथ के दर्शनों को यहां पहुंचे। श्रद्धालु की भीड़ के चलते शाहतलाई मंदिर में रविवार को काफी भीड़ रही। शाहतलाई बाबा के जयकारों से गूंजा। श्रद्धालुओं ने बाबा के मंदिरों में हाजिरी भरते हुए मन्नतें मांगी। अधिकतर श्रद्धालु शाहतलाई मंदिर में माथा टेकने के बाद गुरनाझाड़ी में दर्शन को गए। इसके बाद दियोटसिद्ध गुफा के लिए रवाना हुए।
उत्तर भारत का प्रसिद्ध शक्तिपीठ देश के अलावा विदेशियों के लिए भी आस्था का केंद्र है। इसी कारण यहां श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। रविवार को भी मंदिर में खासी संख्या में श्रद्धालुओं ने मां का आशीर्वाद प्राप्त किया।