घुमारवीं(बिलासपुर)। उत्तर भारत में अपनी खास पहचान बना चुके घुमारवीं के चैहड़ अखाड़े के 9वें महादंगल में मथुरा के उमेश पहलवान को भारत केसरी का खिताब मिला। फाइनल में उमेश ने फगवाड़ा के प्रीतपाल पहलवान को हराकर खिताब हासिल किया। विजेता पहलवान को एक लाख नकद और गुर्ज तथा उपविजेता को 75 हजार नकद इनाम दिया। जबकि हिमाचल केसरी का खिताब दिल्ली के कृष्ण पहलवान ने अपने नाम किया। इस मौके पर महिला पहलवानों ने भी दमखम दिखाया।
दिल्ली के कृष्ण पहलवान हिमाचल केसरी के विजेता व अंबाला के नरेश पहलवान उपविजेता रहे। चैहड़ केसरी के खिताब को बागा के सुनील व घुमारवीं के निशांत के बीच मुकाबला बराबरी पर छूटा। इसके अलावा बड़े-बड़े नामी पहलवानों के बीच लाखों रुपयों की बंधी कुश्तियां भी करवाई गईं।
दूरदराज क्षेत्रों से कुश्ती देखने के लिए पहुंचे लोगों ने छिंज का भरपूर लुत्फ उठाया। घुमारवीं के चैहड़ अखाड़े में 9वां भारत केसरी महादंगल का आयोजन किया जिसमें देशभर के नामी पहलवान माटी के अखाड़े में उतरे। महादंगल के शुभारंभ समारोह में पूर्व बीडीसी एवं समाजसेवी कमलदेव राव ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। जबकि शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर परिषद की उपाध्यक्ष रीता सहगल ने की। सुबह कोर्ट रोड से लेकर कुश्ती स्थल तक शोभायात्रा निकाली।
समापन अवसर पर हिमाचल प्रदेश कुश्ती संघ के प्रधान चंद्र मोहन शर्मा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने छिंज कमेटी को अपनी तरफ से 75 हजार रुपये दिए। जबकि समापन समारोह की अध्यक्षता खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के पूर्व निदेशक विक्रम शर्मा ने की। मुख्यातिथि ने छिंज के विजेता व उपविजेता पहलवानों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। कमेटी ने इस साल कुश्ती प्रेमियों के लिए मनोरंजन की भी व्यवस्था की थी। महिला मंडल की कलाकारों ने लोकनृत्य प्रस्तुत कर लोगों का मनोरंजन किया।
इस मौके पर विधायक राजेंद्र गर्ग, पूर्व विधायक राजेश धर्माणी, खादी बोर्ड के निदेशक विक्रम शर्मा, पूर्व विधायक सदर बंबर ठाकुर, संजीव कटवाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे। वहीं यह नजारा पहले शायद ही कभी देखा गया हो कि न केवल कांग्रेस और भाजपा के नेता एक समय में मंच पर विराजमान थे। बल्कि दोनों पार्टियों के भीतर वर्षों से नेतृत्व की जंग को लेकर आमने सामने रहे नेताओं ने भी एक साथ शिरकत की।