अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। बिलासपुर अस्पताल में तैनात स्वाइन फ्लू विशेषज्ञों की सुरक्षा के लिए अस्पताल प्रशासन ने दिल्ली की एक नामी कंपनी से वैक्सीन दवा मंगवाई है। इस दवा से चिकित्सकों को इस वायरस से सुरक्षा मिलेगी।
स्वास्थ्य विभाग ने यह निर्णय स्वाइन फ्लू के बढ़ते प्रकोप के चलते लिया है। बिलासपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में सीएमओ डॉ. वीके चौधरी ने कहा कि जिले में फैल रहे स्वाइन फ्लू रोग को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट है। इस रोग के बचाव व उपचार को लेकर जहां घर-घर तक जागरूकता फैलाई जा रही है वहीं मामले सामने आने पर उनका शिद्दत से उपचार भी किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि तीन वर्गों में विभाजित इस रोग की दवाइयां हर स्वास्थ्य केंद्र में निशुल्क उपलब्ध है। जबकि जिला अस्पताल में विशेष देखभाल इकाई रूम उपलब्ध हैं। डॉ. चौधरी ने बताया कि प्रभावित माताओं को चाहिए कि वे अपने बच्चों को स्तनपान करवाते समय मास्क का प्रयोग करें। संदिग्ध या संक्रमित व्यक्ति से हाथ मिलाने से यह रोग आगे बढ़ता है। लिहाजा हाथ मिलाने या गले लगने से परहेज करें। बिना चिकित्सकीय परामर्श के कोई दवाई न लें। इस मौके पर एमएस डॉ. राजेश आहलुवालिया, एसएमओ डॉ. सतीश शर्मा और एमओएच डॉ. परविंद्र शर्मा आदि मौजूद थे।
इनसेट-
बिलासपुर में स्वाइन फ्लू के सात मामले
बिलासपुर में अभी तक स्वाइन फ्लू के सात मामले सामने आ चुके हैं जिसमें डेढ़ साल की बच्ची की अभी तक मौत भी हो चुकी है। सीएमओ ने बताया कि बिलासपुर में जो बच्चे स्वाइन फ्लू से ग्रसित हैं उन्हें ए ग्रेड का वायरस है। ए ग्रेड वायरस स्वाइन फ्लू का एक मामूली वायरस है। इन सभी मरीजों को छुट्टी दे दी है, घर में ही इनका इलाज किया जा रहा है।
------------------------