अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। बिलासपुर में कोहरे का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। गोबिंद सागर झील के किनारे बसे बिलासपुर शहर में सुबह और शाम के समय तापमान 5 डिग्री तक पहुंच रहा है। इसके चलते कोहरे से फसल तो बर्बाद हो रही है, वहीं यहां के लोग कोहरे की चपेट में आने से अधिक बीमार हो रहे हैं। इसके चलते अस्पतालों की ओपोडी में भी मरीजों की संख्या अधिक हो रही है।
उल्लेखनीय है कि जिला में लगातार बढ़ रही ठंड से नौनिहाल अधिक बीमार हो रहे हैं। शहर में लगातार पड़ रही धुंध से हर रोज सैकड़ों की संख्या में बच्चे उपचार के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। इसमें ज्यादातर मामले सर्दी और जुकाम के हैं। डॉक्टरों ने भी मौसम में तल्ख तेवरों को देखते हुए परिजनों को बच्चों को धुंध से बचाने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि धुंध के समय बच्चों को घरों से बाहर न आने दें।
इसके साथ ही कोहरे की चपेट में आने से कई लोग चर्म रोग के भी शिकार हो रहे हैं। इससे स्किन ओपीडी में भी मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। बिलासपुर में ठंड का मौसम वैसे भी बेहद तकलीफदेह माना जाता है। इसकी वजह यह है कि बिलासपुर शहर सहित गोबिंद सागर झील किनारे बसे सभी गांवों में वर्तमान में धुंध का प्रकोप बढ़ने लगा है। ऐसे में यह खुश्क ठंड, खांसी, जुकाम और वायरल जैसी बीमारियों को जन्म दे रही है।
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लाइटें जलाकर चलाए जा रहे वाहन
बिलासपुर शहर में सुबह और रात को तापमान 5 डिग्री तक पहुंच रहा है। वहीं, कोहरे की मात्रा अधिक होने के चलते वाहनों को सुबह के समय गाड़ी की लाइटें जलाकर चलना पड़ रहा है। विशेषज्ञों की मानें तो उनका कहना है कि यहां समीप ही गोबिंद सागर झील होने के चलते शहर में कोहरे की मात्रा अधिक है।
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सुबह-शाम घरों से कम निकलें : आहलूवालिया
उधर, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश आहलूवालिया ने बताया कि कोहरा ज्यादा होने के चलते सुबह और शाम घरों से कम निकलें। बीमार होने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लें।