श्री नयना देवी (बिलासपुर)। विश्वविख्यात शक्तिपीठ श्रीनयना देवी जी में इस बार नवरात्रों में श्रद्धालुओं का सैलाब नहीं उमड़ा। रविवार को छोड़ कर अन्य किसी भी दिन में लोग मां के दर्शनों के लिए ज्यादा संख्या में मंदिर नहीं पहुंचे। जबकि शनिवार को नवरात्र संपन्न होने के बाद भी भारी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे। नवरात्र संपन्न होने के बाद एकाएक ही श्रद्धालुओं की बढ़ी भीड़ से स्थानीय दुकानदार व पुजारी वर्ग भी हैरान हैं।
स्थानीय दुकानदारों और पुजारी वर्ग का कहना है कि मेलों के दौरान प्रशासन द्वारा की जा रही सख्ती भी इसका मुख्य कारण हो सकती है, क्योंकि प्रशासन द्वारा मेले में इस कदर सख्ती लगा दी जाती है कि कोई भी श्रद्धालु कहीं से भी नहीं आ जा सकता। ऐसा नहीं है कि शारदीय नवरात्र में ही कम भक्त यहां पहुंचे हैं, श्रावण अष्टमी मेले में भी इस बार पहले की अपेक्षा कम श्रद्धालु यहां पहुंचे हैं। इससे मां के चढ़ावे में भी कमी दर्ज की गई है। यह प्रशासन के लिए चिंता का विषय है कि हर साल श्रद्धालु कम हो रहे हैं, जबकि प्रशासन दावा करता है कि यहां व्यापक प्रबंध किए जाते हैं। ऐसे में सवाल है कि अगर व्यापक प्रबंध किए जाते हैं तो भक्त क्यों कम आ रहे हैं।
व्यापारी विजय कुमार चौधरी, सोहनलाल, सतीश भूषण, गुरदास, अंशुल खन्ना, चमनलाल, कृष्ण कुमार, भाग सिंह, जरनैल सिंह, किशोरीलाल, ज्ञान चंद चौधरी, बल्लूराम का कहना है कि इस बारे के अश्विन नवरात्र न के बराबर थे। अब आने वाले चार से पांच माह मंदे रहेंगे।
इस बार के आश्विन नवरात्रों में भी मंदिर न्यास को चढ़ावें के रूप में पिछले साल की अपेक्षा नौ लाख 89 हजार 205 रुपये की कमी दर्ज की गई है, जबकि सोना व चांदी के चढ़ावे में भी कमी आई है। इस बार मंदिर न्यास को 77 लाख 15 हजार 291 रुपये नकद, सोना 308 ग्राम 888 मिलीग्राम, चांदी 13 किलो प्राप्त हुई है, जबकि पिछले वर्ष इन्हीं नवरात्रों में मंदिर न्यास को 86 लाख चार हजार 496 रुपये नकद, सोना 390 ग्राम 830 मिलीग्राम व चांदी 14 किलो 538 ग्राम चढ़ावे के रूप में प्राप्त हुए थे।
मंदिर अधिकारी दुर्गादास ने बताया कि हालांकि इस बार अश्विन नवरात्र में पिछले वर्ष की अपेक्षा लगभग 9 लाख 89 हजार 205 रुपये की कमी दर्ज की गई है। इसके अलावा सोने और चांदी की चढ़त में भी पिछले वर्ष की अपेक्षा कमी दर्ज की गई है।