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घुमारवीं क्षेत्र में अभी तक एक बार हुई फॉगिंग

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अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर/घुमारवीं/झंडूता/जुखाला। जिला में डेंगू रौद्र रूप धारण कर लोगों को अपना शिकार बना रहा है। इसमें दो लोगों की जिला में मौत भी हो चुकी है लेकिन जिला स्वास्थ्य विभाग इस पूरे मामले को लेकर मानों कुछ करने को तैयार नहीं।
सरकार ने करीब नौ लाख की मशीन जिला में फॉगिंग के करने के लिए भेजी है लेकिन विभाग पत्राचार कर के और बैठकों में तो जम कर फॉगिंग के आंकड़े पेश कर रहा है लेकिन धरातल में कुछ होता नजर नहीं आ रहा है। हालत ऐसी है कि सीएमओ बिलासपुर का कहना है कि लाखों रुपये की नई मशीन जिला के विभिन्न क्षेत्रों में फॉगिंग कर रही है लेकिन स्वास्थ्य विभाग के बीएमओ की माने तो नई मशीन उनके क्षेत्र तक पहुंची ही नहीं। ऐसे में बड़ा सवाल है कि सीएमओ लोगों को गुमराह कर रहे हैं या फिर बीएमओ।
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उल्लेखनीय है कि जिला में 1600 से अधिक लोग डेंगू की चपेट में आ चुके हैं। पहले विभाग ने एसीसी से फॉगिंग मशीन ली थी जिससे बिलासपुर शहर में फॉगिंग की थी लेकिन उसके बाद सरकार की ओर से 9 लाख रुपये की फॉगिंग मशीन बिलासपुर के लिए भेजी गई है लेकिन इसके बाद भी जिला में फॉगिंग के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग मानों कुछ करना ही नहीं चाह रहा है।
आंकड़ों पर गौर करें तो झंडूता कार्यकारी खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविंद टंडन का कहना है कि उनके क्षेत्र में 109 लोग डेंगू की चपेट में आए हैं। उन्होंने क्षेत्र में अपने स्तर पर फॉगिंग करवाई है लेकिन नई आई मशीन अभी तक उनके क्षेत्र में नहीं पहुंची है।
वहीं घुमारवीं के बीएमओ केके शर्मा का कहना है कि घुमारवीं में एक बार ही फॉगिंग हुई है। उन्होंने कहा कि मल्यावर में आज नई मशीन से फॉगिंग की जा रही है। उल्लेखनीय है कि मल्यावर से संबंध रखने वाले एक भाजपा नेता की भी डेंगू से मौत हो चुकी है। एसएमओ डॉ. अनुपमा का कहना है कि उन्होंने कहा कि एक मशीन ब्लॉक ने खरीदी है और दूसरी एसीसी ने दी है। बिलासपुर से अभी कोई बड़ी मशीन क्षेत्र में नहीं आई है।
इनसेट...
इलाके में नहीं पहुंची नई फॉगिंग मशीन : अधिकारी
सीएमओ बिलासपुर बीके चौधरी की ओर से ‘अमर उजाला’ को 11 अक्तूबर को जारी पत्र में कहा है कि नई मशीन शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी फॉगिंग कर रही है लेकिन जिला भर से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार नई मशीन उनके क्षेत्र में नहीं पहुंची है। अब बड़ा सवाल उठाता है कि लाखों की मशीन मिलने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग गंभीर क्यों नहीं है।
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नई मशीन आने के बाद शहर में मात्र एक बार फॉगिंग हुई है। वह भी सड़कों किनारे। इसके बाद लाखों रुपये की मशीन से शहर में किसी भी प्रकार से फॉगिंग नहीं हो पा रहा है।
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