अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। जिले में डेंगू के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। आए दिन अस्पताल में दर्जनों मामले डेंगू के पहुंच रहे हैं लेकिन इसके बाद भी जिला स्वास्थ्य विभाग कोई सख्त कदम नहीं उठा पाया है। हालत यह है कि नियम अनुसार रोज की फॉगिंग भी नहीं हो पा रही है। बंद कमरों में बैठकों में बड़े-बड़े जागरूकता अभियान चलाने के दावे हो रहे हैं लेकिन धरातल पर हो कुछ नहीं रहा है। नतीजतन डेंगू अब थमने का नाम नहीं ले पा रहा है। विभाग ने 90 लाख रुपये की मशीन फॉगिंग के लिए लाई लेकिन मात्र एक दिन मेन सड़कों पर फॉगिंग कर स्टोर में जमा कर दीं जिससे साफ है कि विभाग डेंगू को लेकर कितना गंभीर है।
नोडल अधिकारी डॉ. परविंद्र सिंह ने जिला में फैले डेंगू रोग के बारे में बताया कि मंगलवार को डेंगू के 24 नए मामले दर्ज किए गए जिसमें से 4 मामले बिलासपुर शहर से, 13 मामले मार्कंडेय से और 2 मामले घुमारवीं से तथा 4 मामले झंडूता से और 1 मामला जिला सोलन से दर्ज किया गया।
उन्होंने बताया कि डेंगू से पीड़ित 110 रोगियों का उपचार चल रहा है। उनमें से डेंगू से पीड़ित 3 रोगी अस्पताल में दाखिल हैं और शेष रोगियों का उपचार घरों में ही हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों की ओर से विभिन्न वार्ड नंबर 2, 3, 5, 8, 9 और 10 में जाकर 141 लोगों के घरों का निरीक्षण किया गया तथा 131 घरों की पानी की टंकियों, कूलरों और जल भंडारण के बर्तनों को खाली करवाकर उन्हें साफ करवाया गया और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा लोगों को अपने घरों और आसपास की साफ-सफाई रखने के लिए भी जागरूक किया गया। उन्होंने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि वह जब भी घरों से बाहर निकलें तो अपने शरीर को पूर्ण रूप से ढक कर और ओडोमोस इत्यादि कीटनाशक स्प्रे का इस्तेमाल करें तथा घरों के अंदर भी कीटनाशक स्प्रे करना सुनिश्चित बनाएं ताकि मच्छरों को पनपने से रोका जा सके।