जिले के 326 निजी बसों के पहिये कल से थमेंगे
ऑपरेटर न्यूनतम किराया दस रुपये करने की कर रहे मांग
बैठक कर आज बनाई जाएगी आगे की रणनीति
अमर उजाला ब्यूरो
घुमारवीं (बिलासपुर)। न्यूनतम बस किराया 10 रुपये करने की मांग को लेकर बिलासपुर में 10 सितंबर को पहिये पूरी तरह से थम जाएंगे। जिला में इस समय 326 निजी बसें 326 विभिन्न ग्रामीणों व अन्य रूटों पर चलती हैं। जबकि कई ग्रामीण रूट ऐसे भी जहां पर केवल निजी बसें ही जाती हैं, ऐसे में वहां के ग्रामीणों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
जिला में 48 ग्रामीण रूट ऐसे हैं, जहां पर केवल निजी बसें ही जाती हैं। निजी बसों के अलावा यहां पर कोई भी सरकारी बसें नहीं जाती हैं, ऐसे में अगर निजी बसों के पहिये थम जाते हैं, तो लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
निजी बस ऑपरेटर यूनियन का कहना है कि यूनियन द्वारा समय-समय पर सरकार को अपनी मांगों व ऑपरेटरों को आ रही समस्याओं के बारे में अवगत करवाया लेकिन आश्वासनों के अलावा कुछ और नहीं मिल रहा है। ऑपरेटर अपनी बसों को चलाने में असमर्थ हो चुके हैं।
हड़ताल से जाने से पूर्व में निजी बस ऑपरेटरों ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री व परिवहन मंत्री से भी मिले चुके हैं, पर उनसे कोरे आश्वासनों के सिवाय उन्हें कुछ भी नहीं मिला है। निजी बस ऑपरेटरों की प्रमुख मांगों में न्यूनतम बस किराया पड़ोसी राज्य की तर्ज पर10 रुपये करने। किराए में 50 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी करना, ग्रीन टैक्स जो लगाया गया है उसे तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाना आदि मांगें प्रमुख हैं।
उधर, जिला प्रधान राजेश पटियाल का कहना है कि जिला बिलासपुर के निजी बस ऑपरेटर कल 10 सितंबर से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। हड़ताल शांतिप्रिय ढंग से की जाएगी। अगर कोई भी शरारती तत्वों इस हड़ताल के दौरान अप्रिय घटना करता है तो प्रशासन उसके ऊपर कानूनी कार्रवाई अमल में ला सकता है।
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...खेमराज शर्मा।