बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण के दौरान हो रही अवैध डंपिंग का एसडीएम ने निरीक्षण किया। अमर उजाला में खबर छपने के बाद सरकारी अमला हरकत में आया।
एसडीएम, मत्स्य विभाग, प्रदूषण कंट्रोल नियंत्रण बोर्ड और सहकारी समिति के सदस्यों ने मौके पर निरीक्षण किया। टीम ने अलसू से लेकर गंभरौल खड्ड तक डंपिंग साइटों का निरीक्षण किया। टीम ने कई जगह खामियां पाईं। कई स्थानों से फोरलेन निर्माण कर रही कंपनी को मलबा उठाने के लिए कहा गया है। हालांकि विभाग अभी अपनी रिपोर्ट बना रहा है।
उल्लेखनीय है कि बीबीएमबी और मत्स्य विभाग की रिपोर्ट में कहा गया है कि बिलासपुर जिले में करीब 70 नदी, नालों में अवैध रूप से डंपिंग हो रही है। सरकारी रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पिछले चार साल में गोबिंदसागर में मछली उत्पादन में 50 फीसदी कमी पाई गई है। इसके अलावा वन विभाग की जमीन पर भी डंपिंग हुई है। इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था।
एसडीएम बिलासपुर प्रियंका वर्मा ने बताया कि लोगों की शिकायत और अखबारों में आ रही खबरों के आधार पर टीम ने मौके पर निरीक्षण किया। इसमें कई स्थानों में खामियां पाई गई हैं। कई स्थानों से कंपनी को मलबा हटाने को कहा गया है। पूरी रिपोर्ट तैयार की जा रही है।