बरमाणा (बिलासपुर)। एनपीएस/सीपीएस कर्मचारी संघ का एक प्रतिनिधिमंडल पेंशन बहाली को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिला। संघ ने जयराम ठाकुर को मुख्यमंत्री बनने पर बधाई दी। संघ ने सीएम से मांग की कि पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल कर कर्मचारियों के साथ न्याय किया जाए।
संघ के प्रधान राजेंद्र कुमार ने बताया कि 15 मार्च 2003 और उसके बाद जो भी सरकारी विभागों, बोर्डों व निगमों में नियुक्तियां हुईं हैं, उन कर्मचारियों को 2003 से पूर्व के कर्मचारियों को मिलने वाली सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा पेंशन से वंचित कर दिया गया है। पुरानी पेंशन योजना को बंद कर उसकी जगह एक नई पेंशन योजना लागू कर दी गई है। इस योजना के अंतर्गत लगभग 80 हजार कर्मचारी आते हैं। प्रधान ने कहा कि कर्मचारियों के वेतन का 10 प्रतिशत हिस्सा काट कर प्रदेश सरकार भी उतना ही हिस्सा उसमें डालकर एनएसडीएल नामक निजी संस्था को सौंप रही है। कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने पर उस राशि से ही 60 प्रतिशत राशि आयकर और अन्य कर काटकर बची हुई धनराशि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दी जाती है। 40 प्रतिशत को पेंशन के रूप में कर्मचारियों को दे दिया जाता है। जो कि 500 से 2000 रुपये तक होता है। कर्मचारियों के साथ यह एक भद्दा मजाक है। उपप्रधान हेमराज ने कहा कि सेवानिवृत्त पर इस तरह की स्थिति से गुजरना पड़ रहा है कि परिवार पालने के लिए मजदूरी करने पर विवश हैं। कई प्रदेश सरकारों ने इस नई पेंशन नीति को लागू ही नहीं किया।