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हेडिंग : सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों को नोटिस
क्रासर
नवाबगंज के 19 लोगों पर कब्जे का आरोप, जगह खाली करने को नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर (रामपुर)।
लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के तत्वावधान में नवाबगंज में सड़क किनारे झोपड़ी बनाकर रह रहे 19 लोगों को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस जारी होने के बाद लोगों में हड़कंप मच गया। नोटिस में सरकारी जमीन पर सड़क के मध्य से दाईं और अवैध अतिक्रमण कर निर्माण करने की बात कही गई। साथ ही नोटिस में कब्जा की गई जमीन को आठ दिन में खाली करने के निर्देश दिए गए हैं।
क्षेत्र में नवाबगंज गांव में सड़क किनारे कई साल से कुछ परिवार झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं, जिस पर लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के सहायक अभियंता आरके वर्मा ने कुछ दिनों पूर्व इन लोगों को नोटिस जारी कर दिया गया। नोटिस में सड़क के मध्य से दाईं ओर अवैध रूप से कच्चा/पक्का दुकान या मकान बना लिया है जो कि सरकारी जमीन पर कब्जा है और गलत है। विभाग द्वारा उपरोक्त लोगों को नोटिस जारी कर आठ दिन में यह कब्जा मुक्त करने के लिए कहा गया था। हालांकि नोटिस पर दर्ज तारीख के हिसाब से नोटिस की मियाद पूरी हो चुकी है। इसके बाद अब विभाग अपनी अगली कार्रवाई करेगा। वहीं नोटिस मिलने के बाद लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। लोगों ने इसको लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया।
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बयान-
- जिन लोगों को नोटिस जारी किया गया है, उन्होंने अवैध रूप से सरकारी जमीन पर निर्माण किया हुआ है। जो कि गलत है, इसीलिए नोटिस जारी किया गया है।
आरके वर्मा, सहायक अभियंता-लोनिवि प्रांतीय खंड
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हेडिंग : नोटिस के बाद ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। रोड किनारे झोपड़ियों में रह रहे नवाबगंज के लोगों ने पीडब्लूडी विभाग द्वारा नोटिस जारी किए जाने पर विरोध जताया। लोगों नोटिस में रोड किनारे की जगह खाली कराने को लेकर कहा कि वह पिछले करीब 25 साल से रह रहे हैं। विभाग द्वारा कुछ लोगों को नोटिस दे दिया गया जबकि कई लोगों को नोटिस नहीं दिया है।
सोमवार दोपहर नवाबगंज गांव में रोड किनारे रहने वाले 19 परिवारों के लोग ग्राम प्रधान दीपेंद्र सिंह नेगी के नेतृत्व में एकत्र हुए। सभी ने पीडब्लूडी विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वालों का कहना था कि वह लोग 25 साल से ग्राम समाज की भूमि पर परिवार समेत झोपड़ियां डालकर रह रहे हैं। उन्होंने पीडब्लूडी की भूमि को छोड़ रखा है। फिर भी विभाग ने उनके 19 परिवारों को रोड किनारे की जमीन खाली करने को लेकर नोटिस दे दिया है, जो कि गलत है।
ग्रामीणों का आरोप था कि माठखेड़ा मोड़ से गुलड़िया टयूला, कादरीगंज, बौसेना, चकफेरी आदि स्थानों पर लोगों ने रोड की जमीन पर अवैध रुप से कब्जा कर रखा है, मगर विभाग ने उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया है। उनका कहना था कि वह लोग ग्राम समाज की 11 एकड़ भूमि के मामले में ग्राम प्रधान का साथ दे रहे हैं, इसलिए कुछ लोगों ने रंजिशन उन्हें नोटिस दिलाएं हैं। ग्रामीणों नेश डीएम कार्यालय पर भी धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। प्रदर्शन में सुरेंद्र सिंह, गनपत, मुन्ना, गंगा, भगवानदास, चंद्रपाल, भोलीदेवी, प्रीत सिंह आदि शामिल थे।
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क्या ग्राम समाज की भूमि का पट्टा आवंटित
बिलासपुर। जिन ग्रामीणों ने पीडब्ल्यूडी के नोटिस के विरोध में प्रदर्शन किया उन लोगों को खुद कहा कि वह ग्राम समाज की जमीन पर झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या ग्राम समाज की जमीन सरकारी नहीं होती, उस पर कोई भी बिना पट्टा आवंटन के प्रयोग कर सकता है। लिहाजा क्या उन लोगों के पास जिस जमीन पर वह रह रहे हैं उसका ग्राम समाज द्वारा उनके नाम में पट्टा आवंटित किया गया है या नहीं यह भी जांच का विषय है।