अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर/घुमारवीं/झंडूता। लोकसभा चुनावों के दौरान चर्चा में रहने वाला शब्द मॉडल कोर्ड ऑफ कंडक्ट यानि आचार संहिता शनिवार शाम के समय लागू हो गई। आचार संहिता के लागू होने से जहां राजनैतिक नेताओं के दिल की धड़कने तेज हो गई हैं वहीं सरकार द्वारा शुरू किए जाने वाले नए कार्यों में भी रोक लग गई है।
बिलासपुर जिला की बात की जाए तो जिला की सबसे बड़ी 60 करोड़ की कोलडैम पेयजल परियोजना का शुभारंभ भी लटक गया। इस पेयजल परियोजना से बिलासपुर के सदर, घुमारवीं और झंडूता विस क्षेत्र के लोगों को पर्याप्त पानी दिया जाना था जिससे गर्मियों के समय पानी की कमी से परेशान लोगों को राहत मिलनी थी लेकिन अब आचार संहिता लागू होने से यह कार्ययोजना अंतिम छोर पर जाकर रुक गई।
वहीं, घुमारवीं विस क्षेत्र की बात की जाए तो यहां पर मिनी सचिवालय, बस स्टैंड से आउटिंग सड़क, नगर परिषद के पार्क, एचआरटीसी की वर्कशॉप व सिर खड्ड के चैनलाइजेशन का कार्य और लंबित पड़ गया। इसके साथ झंडूता विस क्षेत्र के कोटधार की 48 करोड़ की महत्वाकांक्षी पेयजल योजना के शिलान्यास पर भी विराम लग गया। इसी तरह झंडूता विस क्षेत्र में कई अन्य करोड़ों रुपये के शिलान्यास और उद्घाटन समारोह भी रुक गए।
बता दें कि झंडूता विस क्षेत्र में मिनी सचिवालय, लोक निर्माण विभाग का उपमंडल कार्यालय, आईपीएच विभाग का मंडल कार्यालय, झंडूता उपमंडल को जोड़ने वाला री रडोह अमरोआ पुल, उप न्यायाधीश कार्यालय, दमकल विभाग का उपकेंद्र कार्यालय सहित क्षेत्र के दर्जनों सड़कों के कार्य चुनाव आचार संहिता के कारण रुक गए।
हालांकि झंडूता विधायक जेआर कटवाल ने अपनी सूझबूझ से 78 करोड़ रुपये से पनोल से झंडूता, नंदनगरावों सड़क और गोबिंद सागर झील पर बनने वाले नंदनगरावों से जेजवीं पुल और 10 करोड़ की लागत से राजकीय महाविद्यालय झंडूता के विज्ञान भवन का शिलान्यास मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से आचार संहिता शुरू होने से पहले ही वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से करवा चुके हैं।