अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में डेढ़ साल की मासूम गंभीर रूप से डेंगू की चपेट में आई है। इस मासूम को शनिवार चिकित्सकों नेे आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया। मासूम की हालत बहुत नाजुक बताई जा रही है। विभागीय अधिकारी बता रहे हैं कि यह बच्ची काफी दिन से अस्पताल में भर्ती थी लेकिन बच्ची की हालत में सुधार नहीं आ रहा था। इसी के चलते शनिवार को तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उसे शिमला रेफर कर दिया गया है।
बता दें कि बिलासपुर में डेंगू से पहले तो 10 से साल से ऊपर की उम्र वाले लोग इसकी चपेट में आ रहे थे लेकिन अब हालात ऐसे बन गए हैं कि छोटे मासूम तक इससे बच नहीं पा रहे हैं। यहीं कारण है कि आज बिलासपुर अस्पताल से छोटे नौनिहाल रेफर किए जा रहे हैं।
गौर हो कि इससे पहले भी बिलासपुर का एक बच्चा स्क्रब टायफस की चपेट में आ गया था जिसके चलते उन्हें चिकित्सकों ने तुरंत प्रभाव से शिमला रेफर कर दिया था। शिमला में बच्चे का इलाज चल रहा है। वहीं, अब डेंगू से भी एक छोटी बच्ची को रेफर कर दिया है। खबर लिखे जाने तक बच्ची को शिमला रेफर कर दिया था। बताते चलें कि अब बिलासपुर वासियों को यह चिंता सताने लगी है कि डेंगू वायरस टाइप-टू ने बिलासपुर में दस्तक दे दी है। वहीं, पुणे के वैज्ञानिकों ने यह भी खुलासा किया है कि यह डेंगू टाइप-वन से ज्यादा खतरनाक है। वहीं, बिलासपुर में फैले डेंगू का मुख्य कारण स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही है क्योंकि जब विभाग को कसरत करनी चाहिए थी तब वह कुंभकर्णी नींद सोया रहा और अब कसरत करने का विभाग को कोई फायदा नहीं है। विभाग की लापरवाही से आज डेंगू छोटे मासूमों पर हावी होने लग गया है।
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बुखार आने पर बच्चाें का अस्पताल लाएं
बच्ची गंभीर रूप से डेंगू की चपेट में आने से शिमला रेफर कर दी गई है। बच्चे डेंगू की चपेट में आ रहे है। लोगों से अपील की है कि बच्चों को बुखार आने पर तुरंत स्थानीय अस्पताल पहुंचे।
डॉ. सतीश शर्मा, शिशु रोग विशेषज्ञ बिलासपुर।
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