सात डिग्री तापमान में खुले आसमान के नीचे रातभर चिट्टे के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जाती है और फिर एक बीच के ठिकाने पर आग जलाकर ठीकरी पहरा दिया जाता है। ऐसा पिछले 16 दिनों से लघट महिला मंडल की प्रधान पिंकी शर्मा की अगुवाई में हो रहा है। ऐसा इसलिए, ताकि युवा पीढ़ी को चिट्टे से बचाया जा सके। बीते दिनों युवकों को पकड़ने के बाद उनसे हुई हाथापाई के चलते महिला मंडल की सदस्यों पर एफआईआर भी हो चुकी हैं, लेकिन हौसला और बुलंद हो गया है। सरकार की चिट्टे के खिलाफ मुहिम के बाद यह पहला महिला मंडल है तो आगे आया है। महिलाओं का कहना है कि किसी सूरत में चिट्टा बिकने नहीं देंगी, भले ही कोर्ट तक कानूनी लड़ाई लड़ने पड़े तो लड़ लेंगे।
एफआईआर होने के पर नहीं टूटा हौसला
22 दिसंबर को हालात तब बिगड़े जब गांव की सीमा में पहुंचे कुछ चिट्टे के आदी युवक आपस में मारपीट करने लगे। महिलाओं के अनुसार, ये युवक गांव के ही किसी सप्लायर से चिट्टा लेने पहुंचे थे। महिलाओं ने उन्हें रोका और पुलिस को सूचना दी। लेकिन शिकायत के बाद उलटा महिलाओं पर ही करीब सात धाराओं में केस दर्ज कर दिया गया। यह खबर गांव में मायूसी जरूर लाई, लेकिन हौसला नहीं तोड़ पाई।
महिला मंडल लघट की इस मुहिम में हम साथ हैं। अगर पुलिस एफआईआर को रद्द नहीं करती है तो भाजपा 30 दिसंबर को धरना देगी। - त्रिलोक जमवाल, विधायक सदर