बीते वर्ष नवंबर में 60 हजार रुपये में 31 बकरों की नीलामी किए जाने के बाद व्यवस्था पर सवाल उठे। सवाल उठने के बाद नीलामी करवाने वाले कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया। जिला प्रशासन ने इस मामले में विजिलेंस जांच की सिफारिश भी की। मामले में विभागीय जांच तहसीलदार बड़सर को सौंपी गई। व्यवस्था में कमियों का पता लगाने के साथ जांच अधिकारी तहसीलदार बड़सर ने इस मामले में सुधारों की सिफारिशें भी मंदिर ट्रस्ट और प्रशासन को सौंपी। इस सिफारिशों को अब नीलामी व्यवस्था में लागू कर दिया गया है। अब हर शनिवार और सोमवार को बकरों की नीलामी सुबह 11 बजे से शुरू की जा रही है। पहले नीलामी दो बजे के बाद शुरू होती थी। नीलामी तय कमेटी और दो ट्रस्टियों की मौजूदगी में की जा रही है ताकि कोई सवाल न उठे।
जांच की सिफारिशों को लागू करने के लिए मंदिर अधिकारी को आदेश जारी कर दिए गए है। व्यवस्था में बदलाव कर उचित दामों पर बकरे नीलाम किए जा रहे हैं- धर्मपाल नेगी, कार्यकारी एसडीएम, बड़सर
निर्देश मिलने के बाद अब वजन और नस्ल के हिसाब से बकरों की नीलामी तय कमेटी और ट्रस्टियों की निगरानी में करवाई जा रही है - संदीप चंदेल, मंदिर अधिकारी, बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट दियोटसिद्ध