हिमाचल प्रदेश में अवैध खनन रोकनेवाले अफसरों पर लगातार हमले हो रहे हैं। नालागढ़ के एसडीएम डॉ. यूनुस खान अवैध खनन रोकने के लिए छापेमारी करने गए थे।
अवैध खनन की बजरी ले जा रहे ट्रैक्टर को रोकने की कोशिश की तो चालक ने उन्हें कुचलने की कोशिश की।
इसी दौरान ट्रैक्टर ट्राली पलट गई और चालक भाग निकला। इस प्रकरण में हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। ट्रैक्टर चालक मक्खन सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर बृहस्पतिवार को अदालत में पेश किया जहां से उसे पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
ट्रैक्टर चालक ने कबूला है कि एसडीएम की गाड़ी को टक्कर मारने के लिए ट्रैक्टर को कई बार तेज गति से इधर-उधर भी घुमाया। मक्खन सिंह को अधिकारियों की टीम मौके पर ले गई। जहां पर उसके बयान लिए गए।
बृहस्पतिवार को एसपी बद्दी अरुल कुमार, डीएसपी नालागढ़ सुशील शर्मा, एसएचओ नालागढ़ चमन लाल समेत एसडीएम नालागढ़ डॉ. यूनुस स्वयं भी मौके पर गए।
2010 बैच के आईएएस अधिकारी यूनुस खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई के बाद चर्चा में आई दुर्गा शक्ति नागपाल के बैचमेट हैं।
बद्दी से रेत बजरी पंजाब और हरियाणा को तस्करी की जाती है। सोलन जिले के डीएम का कहना है कि पहले भी खनन में जुटे लोग युनूस के खिलाफ तरह तरह की शिकायतें कर रहे थे। गौरतलब है कि चार महीने में खनन माफिया द्वारा चार हमले हो चुके हैं।
'यूनुस जनवरी 2013 में नालागढ़ में नियुक्त हुए थे। सात महीनों में उन्होंने एक करोड़ से ज्यादा जुर्माना अवैध खनन पर लगाया। उन्हें और सुरक्षा दी जा रही है और कार्रवाई जारी रखने को कहा गया है।'
मुकेश अग्निहोत्री, उद्योग मंत्री
'हिमाचल पुलिस ने इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई की है। एसडीएम नालागढ़ को सरकार के निर्देशानुसार जरूरी सुरक्षा दे दी गई है।'
- संजय कुमार, डीजीपी हिमाचल