हिमाचल प्रदेश के भुंतर में करीब एक माह तक हवाई सेवाएं देने के बाद एयर इंडिया ने अब बरसात को देखते हुए ढाई माह तक उड़ानें बंद रखने का फैसला लिया है।
एक जुलाई से 15 सितंबर पर कंपनी भुंतर के लिए अपनी सेवाएं नहीं देगी। 15 मई को लंबे अंतराल के बाद भुंतर और गगल में हवाई सेवाएं शुरू हुई थीं। बीच में खराब मौसम के चलते कई बार एयर इंडिया का विमान भुंतर में लैंडिंग नहीं कर पाया।
एक जुलाई से बाहर से आने वाले सैलानियों और यहां के पर्यटन कारोबारियों को इससे तगड़ा झटका लगेगा। हालांकि, गगल में हवाई सेवाएं नियमित रहेंगी। जबकि जुब्बड़हट्टी में अभी तक हवाई सेवाएं शुरू ही नहीं हो पाई हैं।
कुल्लू-मनाली के पर्यटन कारोबारियों पर मौसम भारी पड़ने लगा है। खराब मौसम के चलते जून माह में केवल आधा महीना ही भुंतर एयरपोर्ट पर उड़ानें हो सकी।
कई बार एयर इंडिया का विमान आधे रास्ते से ही वापस दिल्ली लौट गया। इसी कारण मौसम को देखते हुए एयर इंडिया ने 1 जुलाई से 15 सितंबर तक भुंतर एयरपोर्ट पर हवाई सेवाएं बंद रखने का निर्णय लिया है।
इससे मनाली के पर्यटन व्यवसाय को झटका लग सकता है। वैसे भी किन्नौर और उत्तराखंड त्रासदी के बाद कुल्लू-मनाली के पर्यटन कारोबार 60 फीसदी से भी ज्यादा कम हो गया था।
एयरपोर्ट अथारिटी भुंतर के निदेशक वाईके शर्मा ने माना कि उन्हें एयर इंडिया की ओर से 1 जुलाई से 15 सितंबर तक हवाई सेवाएं बंद रखने के बारे में पत्र मिला है।
शर्मा ने कहा कि प्रदेश में हवाई सेवाएं बंद नहीं की जानी चाहिए, बल्कि इसका समय बदल दिया जाना चाहिए। इस संबंध में उन्होंने प्रदेश सरकार, उड्डयन विभाग और केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि भुंतर एयरपोर्ट पर पहली उड़ान सुबह 7.00 बजे के बजाय 9.00 बजे के बाद होनी चाहिए।