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एम्स बिलासपुर: दिल के ऑपरेशन के बाद मरीजों को मिलेगी सुपर कूलिंग की सुरक्षा, जटिलताओं को रोकने में मिलेगी मदद

Sat, 16 May 2026 12:27 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर।

सार

एम्स बिलासपुर में यह सुविधा शुरू होने के बाद प्रदेश के मरीजों को एडवांस थर्मल मैनेजमेंट तकनीक के लिए चंडीगढ़ या दिल्ली जैसे बड़े मेडिकल संस्थानों का रुख कम करना पड़ेगा। 
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एम्स बिलासपुर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एम्स बिलासपुर में अब दिल के गंभीर मरीजों और जटिल सर्जरी कराने वाले लोगों को अत्याधुनिक थैराप्यूटिक हाइपो हाइपरथर्मिया सिस्टम की सुविधा मिलने जा रही है। यह तकनीक खास तौर पर हार्ट सर्जरी और आईसीयू में भर्ती गंभीर मरीजों की सुरक्षित रिकवरी के लिए उपयोग की जाएगी। संस्थान ने इस हाईटेक प्रणाली की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी है। एम्स बिलासपुर में यह सुविधा शुरू होने के बाद प्रदेश के मरीजों को एडवांस थर्मल मैनेजमेंट तकनीक के लिए चंडीगढ़ या दिल्ली जैसे बड़े मेडिकल संस्थानों का रुख कम करना पड़ेगा। विशेषज्ञों के अनुसार यह प्रणाली दिल की पेचीदा सर्जरी के बाद मरीजों को स्थिर रखने और ब्रेन डैमेज जैसी गंभीर जटिलताओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह प्रणाली मुख्य रूप से कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी विभाग के लिए खरीदी जा रही है।

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इसी विभाग में ओपन हार्ट सर्जरी, बायपास सर्जरी, वाल्व रिप्लेसमेंट और छाती से जुड़ी जटिल सर्जरी की जाती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार दिल के ऑपरेशन के दौरान मरीज के शरीर के तापमान को नियंत्रित स्तर तक कम करना पड़ता है ताकि शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर दबाव कम हो और सर्जरी सुरक्षित तरीके से पूरी की जा सके। यह मशीन शरीर के तापमान को अत्यंत सटीक तरीके से नियंत्रित करती है, जिससे ऑपरेशन के दौरान और बाद में जटिलताओं का खतरा घटता है। दिल की बड़ी सर्जरी के बाद मरीजों को अक्सर तेज बुखार, शरीर के तापमान में उतार-चढ़ाव और संक्रमण जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यह सिस्टम मरीज के शरीर को स्थिर तापमान पर बनाए रखने में मदद करेगा, जिससे रिकवरी प्रक्रिया बेहतर और सुरक्षित हो सकेगी।
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कार्डियक अरेस्ट या हार्ट अटैक के बाद जब मस्तिष्क तक ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित होती है, तब यह तकनीक शरीर को नियंत्रित तापमान पर रखकर दिमाग की कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में सहायक होती है। इसी कारण इसे आधुनिक क्रिटिकल केयर मेडिसिन की महत्वपूर्ण तकनीकों में गिना जाता है। यह प्रणाली आईसीयू में भर्ती गंभीर मरीजों के इलाज में भी महत्वपूर्ण साबित होगी। सेप्सिस या गंभीर संक्रमण के कारण आने वाले तेज बुखार को नियंत्रित करने में भी इसका उपयोग किया जाएगा। कई बार दवाओं से तापमान नियंत्रित नहीं हो पाता, ऐसे में यह मशीन शरीर को आवश्यक तापमान पर बनाए रखती है।
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