भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी हमीरपुर के बाद अब शिमला संसदीय सीट पर बड़ी चुनावी रैली कर सकते हैं। ये रैली या तो शिमला शहर में होगी या फिर सिरमौर जिला में किसी स्थान पर।
मोदी की रैलियों के शेडयूल में एक और रैली हिमाचल को मिलने की संभावना है। इसी आधार पर हिमाचल भाजपा ने इसके लिए हाईकमान को लिखित निवेदन संभावित स्थानों के साथ भेजा है।
ये रैली सोची समझी रणनीति के तहत तय हो रही है। सेब उत्पादक बहुल शिमला सीट कांग्रेस का गढ़ रही है। भाजपा ने 2009 में पहली बार अपने बूते यहां चुनाव जीता था।
वीरेंद्र कश्यप ने 27327 वोट से कांग्रेस के कर्नल धनीराम शांडिल को हराया था। इस बार इस सीट के कुल 17 विधानसभा क्षेत्रों में से निर्दलों को मिलाकर कांग्रेस के पास 11 विधायक हैं। वीरेंद्र कश्यप यहां फिर मैदान में हैं।
कांग्रेस ने भी रणनीति के तहत रोहडू के विधायक मोहन लाल ब्राक्टा को मैदान में उतारा है। ऐसे में यदि भाजपा इस सीट पर नरेंद्र मोदी की रैली करवाती है तो जंग और रोचक हो जाएगी।
मोदी ने सेब पर आयात शुल्क न बढ़ाने के मसले को हमीरपुर में भी छुआ था, लेकिन वह यहां आकर इस बहाने नया दांव खेल सकते हैं।
भाजपा की रणनीति है कि ऐसे स्थानों पर, जहां से नरेंद्र मोदी के रैली में ज्यादा लोग नहीं आ पाए थे, अन्य केंद्रीय नेताओं की चुनावी सभाएं करवाई जाएं।
इस कारण चंबा, कुल्लू, सिरमौर और ऊपरी शिमला में उन केंद्रीय नेताओं की रैलियां होंगी, जो स्टार प्रचारकों की सूची में हों। यहां राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, सुषमा स्वराज या अरुण जेतली जैसे नेता रैली कर सकते हैं।
हमीरपुर सीट पर अब कोई बड़ी रैली नहीं होगी। यहां पार्टी ने डोर-टू-डोर फार्मूला अपनाया है। इस सीट पर भाजपा 16 फरवरी को सुजानपुर में नरेंद्र मोदी की बड़ी रैली कर चुकी है।