अपनी लंबित करोड़ों की वित्तीय देनदारियों का भुगतान किए जाने को लेकर संघर्षरत एचआरटीसी चालक, परिचालकों ने सोमवार को भी डिपो स्तर पर गेट मीटिंग कर अपनी मांगों को उठाने का क्रम जारी रखा। सोमवार को राजधानी शिमला के पुराना बस अड्डा में चालक, परिचालकों ने चालक संघ के प्रधान मान सिंह ठाकुर की मौजूदगी में और परिचालक संघ के प्रधान महेंद्र प्रीत की अगुवाई में गेट मीटिंग की इस दौरान मौजूद चालक,परिचालकों ने अपनी मांगों के समर्थन में और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। चालक संघ प्रधान मान सिंह ठाकुर का तबादलों पर सरकार द्वारा लगाई गई रोक के बावजूद चंबा किए गए स्थानांतरण आदेशों का पुरजोर विरोध किया और कहा कि यह सरकार के इशारे पर प्रदेश भर में चल रहे निगम चालक, परिचालकों के आंदोलन को भटकाने और कमजोर करने की साजिश है। परिचालक संघ के प्रधान महेंद्र प्रीत ने कहा कि यह तबादला आदेश 15 दिन पहले क्यों नहीं किए गए। ऐसे समय में जब चालक,परिचालक संघ ने अपनी करोड़ों की बकाया देनदारियों के भुगतान करने की सरकार से मांग उठाई है और इसे पूरा करने को 24 जून रात बारह बजे तक की समय सीमा नोटिस देकर दी है, प्रधान को स्थानांतरित करना, सिर्फ आंदोलन को कमजोर करने और कर्मचारियों को डराने का प्रयास है।
उन्होंने तबादला आदेशों की निंदा की और कहा कि इन आदेशों को तुरंत वापस लिया जाए।कर्मचारी अब अपने हक की लड़ाई से पीछे नहीं हटने वाले। उन्होंने कहा कि 23 जून को उप मुख्यमंत्री के साथ मांगों को लेकर होने वाली चालक, परिचालक संघ पदाधिकारियों की बैठक में लिए जाने वाले फैसलों का आम कर्मचारी को इंतजार रहेगा । बैठक में यदि मांगें पूरी न की गई, इसके सकारात्मक परिणाम न रहे, और सरकार से उचित कदम न उठाया गया, तो दोनों संघों की कार्यकारिणी बैठक कर आगामी आंदोलन की रणनीति तैयार करेगी। 24 जून को रात बारह बजे सरकार और विभाग को मांगें पूरी करने को दिए गए नोटिस की अवधि पूरी होने पर बसों के पहिए जाम किए जाने पर अंतिम फैसला ले लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति पैदा न हो इसके लिए प्रदेश सरकार और परिवहन निगम प्रबंधन 23 की बैठक में मांगें पूरी करने को फैसला ले। सरकार चालक परिचालकों का 76 करोड़ ओवर, टाइम नाइट भत्ते का जारी करे और कर्मचारियों को एरियर की हर कर्मचारी को पहली 50 हजार की किस्त के लिए बजट जारी करे और इसका भुगतान करें। इसके अलावा अन्य वित्तीय देनदारियों को चुकाए।
हिमाचल परिवहन सेवानिवृत्त कर्मचारी परिषद ने हिमाचल परिवहन निगम के आंदोलनकारी कर्मचारियों को समर्थन देने की घोषणा की है। परिषद ने उपमुख्यमंत्री द्वारा आंदोलनकारी कर्मचारियों को वार्ता के लिए बुलाए जाने का स्वागत किया है। साथ ही, सरकार को परिवहन कर्मचारियों की समस्याओं का तुरंत समाधान करने के लिए सचेत किया है। परिवहन मजदूर संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और हिमाचल सेवानिवृत्त परिवहन कर्मचारी परिषद के प्रदेश संयोजक शंकर सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार को संवेदनशीलता और धैर्य से कर्मचारियों की सभी मांगों पर विचार करना चाहिए। कर्मचारियों के करोड़ों रुपये के रात्रि भत्तों और अतिरिक्त समय का भुगतान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इससे प्रदेश की आम जनता और सरकार को होने वाली परेशानी टाली जा सकेगी। ठाकुर ने परिवहन कर्मचारियों से वार्ता के दौरान अपनी मांगों से पीछे न हटने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हजारों सेवानिवृत्त परिवहन कर्मचारी आंदोलनकारी कर्मचारियों के साथ खड़े हैं।