केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत इस राशि का निर्धारित अवधि के भीतर उपयोग अनिवार्य है। तय समयसीमा तक धनराशि खर्च नहीं होने पर पंचायतों को जवाबदेह ठहराया जा सकता है। बताया गया है कि कुछ दिन पहले तक पंचायतों के खातों में करीब छह करोड़ रुपये की राशि लंबित पड़ी थी। विभाग ने इस पर गंभीरता दिखाते हुए संबंधित पंचायतों और बीडीओ को नोटिस जारी किए थे। इसके बाद पंचायतों ने तेजी से विकास कार्यों में भुगतान किया और अब तक लगभग पांच करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इसके बावजूद करीब एक करोड़ रुपये की राशि अभी भी शेष है। पंचायतीराज विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी बीडीओ अपने-अपने विकास खंड की पंचायतों की नियमित निगरानी कर 16 जुलाई तक शेष राशि का उपयोग विकास कार्यों पर कर दिया जाए।