अगले कुछ हफ्तों में दूसरे राज्यों से हिमाचल में दाखिल होने वाले लोगों की प्रभावी निगरानी को हिमाचल पुलिस ने कमर कसनी शुरू कर दी है। पुलिस के पास अब सिर्फ तीन सौ जवानों का रिजर्व बचा है। ऐसे में विजिलेंस ब्यूरो, टीटीआर, वायरलेस और सीबीआई जैसे संगठनों में तैनात कर्मियों की जानकारी मांगी जा रही है।
पीएचक्यू ने सभी संगठनों के अधिकारियों को पत्र लिखकर ब्योरा मांगा है। अधिकारियों और नेताओं की सुरक्षा में लगे पुलिस के निजी सुरक्षा कर्मी (पीएसओ) की भी जानकारी इकट्ठा की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि बाहर से आने वालों की निगरानी को इन घटक संगठनों के पुलिस कर्मियों की मदद ली जाएगी। सूबे के 18 हजार पुलिस कर्मियों को पुलिस मुख्यालय सड़क पर उतार चुका है।
थानों-चौकियों से लेकर बटालियनों के जवान अंतर्राज्यीय से लेकर अंतर जिला बैरियर पर तैनात हैं। जिलों में भी बैरियरों पर हजारों पुलिस कर्मी मुस्तैद है। चूंकि, सरकार की मंजूरी के बाद अगले कुछ दिन में करीब एक लाख से ज्यादा लोग सूबे में दाखिल हो सकते हैं। उनकी निगरानी और होम क्वारंटीन सुनिश्चित करने को अतिरिक्त पुलिस बल की जरूरत महसूस की जा रही है।
पुष्ट सूत्रों का कहना है कि वर्तमान में सिर्फ तीन सौ पुलिस कर्मी ही रिजर्व में बचे हैं। ऐसे में अभी से अतिरिक्त बल की व्यवस्था की जा रही है। माना जा रहा है कि इन संगठनों से भी करीब पांच सौ से ज्यादा पुलिस कर्मियों की उपलब्धता हो जाएगी। इसके बाद निगरानी के लिए पर्याप्त पुलिस बल होने से प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी।