रोकथाम के लिए प्रदेश में हेपेटाइटिस-बी का तीन महीने का कोर्स करने के लिए अब 55 से 60 हजार रुपये खर्च नहीं करने पड़ेंगे। स्वास्थ्य विभाग सूबे में जल्द फ्री में हेपेटाइटिस के टेस्ट की सुविधा मुहैया करवाने जा रहा है। तीन महीने में हेपेटाइटिस बी से ग्रस्त मरीज को पैसे खर्च करने पड़ते थे, उससे भी राहत मिलेगी।
केंद्र सरकार की राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के तहत सभी जिला अस्पतालों में हेपेटाइटिस टेस्ट की सुविधा शुरू की जाएगी। वर्तमान समय में हिमाचल में अभी इंदिरा गांधी मेडिकल कालेज शिमला व डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कालेज टांडा में ही हेपेटाइटिस के टेस्ट होते हैं।
उधर, स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने कहा कि जिला केंद्र के अस्पतालों में हेपेटाइटिस टेस्ट और उपचार की सुविधा मरीजों को निशुल्क उपलब्ध करवाई जाएगी। वर्ष 2030 तक पूरे देश में राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के तहत हेपेटाइटिस बीमारियों को खत्म करने की योजना पर काम किया जाएगा।
वर्तमान समय में हेपेटाइटिस विश्वभर में उभरती हुई स्वास्थ्य समस्या है। हेपेटाइटिस की बीमारी असुरक्षित इंजेक्शन के प्रयोग करने, असुरक्षित यौन क्रिया, गर्भवती महिला से नए शिशु को, पहले से इस्तेमाल किए गए इंजेक्शन की सुई और दूषित पानी के सेवन से होती है।