संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी/छछरौली। महर्षि वाल्मीकि जैसे ऋषि-मुनियों, तपस्वी व महापुरुषों के जीवन से सभी को संस्कृति व मर्यादा के धर्म का ज्ञान होता है। हमारी युवा पीढ़ी को हमारे महापुरुषों, संत-महात्माओं के बारे में जानकारी होनी चाहिए। यह बात पूर्व कैबिनेट मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने कही। वे मंगलवार को राजकीय महाविद्यालय छछरौली में उपमंडल प्रशासन के महर्षि वाल्मीकि जयंती समारोह में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे।
एसडीएम रोहित कुमार के नेतृत्व में आयोजित समारोह के दौरान पूर्व मंत्री गुर्जर ने कहा कि सरकार की ओर से संत, महापुरुष, गुरुओं के सम्मान व विचार प्रसार योजना चलाई जा रही है। इस परंपरा के शुरू होने से सामाजिक समरसता व महान संतों की गौरव गाथा को जन-जन तक पहुंचाने में सफलता मिल रही है। यदि हम अपने महापुरुषों को याद नहीं रखेंगे, तो हमारी सभ्यता के महत्वपूर्ण पहलू इतिहास के पन्नों में सिमट कर रह जाएंगे।
इसी कड़ी में सरकार की ओर से धन्ना भगत, संत कबीरदास, महात्मा ज्योतिबा फुले, संत रविदास सहित अन्य महापुरुषों की जयंती पर राज्य व जिला स्तरीय कार्यक्रमों करवा रही है। पूर्व मंत्री ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि आर्यव्रत के आदि कवि माने जाते हैं। उनके जीवन से वर्तमान पीढ़ी को कड़ी मेहनत और शिक्षा ग्रहण करने की प्रेरणा लेनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि भारतीय संस्कृति के महान ऋषि, दार्शनिक, कवि और समाज सुधारक थे। राजकीय महाविद्यालय आहड़वाला व्यासपुर के प्रो. डॉ. रमेश धारीवाल ने महर्षि वाल्मीकि के जीवन के समग्र पहलुओं पर प्रकाश डाला। इस इस दौरान बीडीपीओ छछरौली कार्तिक चौहान, बीडीपीओ प्रतापनगर अभिषेक आनंद, राजकीय महाविद्यालय छछरौली प्राचार्य डॉ. संजीव कुमार, मार्केट कमेटी सचिव ऋषिराज, भाजपा मंडल अध्यक्ष गौरव गोयल उपस्थित रहे।