लगातार बढ़ते सड़क हादसों के ग्राफ से सबक लेते हुए ट्रैफिक विभाग ने कवायद शुरू की है। बुधवार को स्टेट हाइवे (कुरुक्षेत्र-सहारनपुर) पर औरंगाबाद समीप विशेष अभियान चलाया गया। इसके तहत ओवर स्पीड रडार की मदद से सड़कों पर निर्धारित गति से तेज दौड़ रहे 45 वाहनों के चालान किए गए वहीं, उनके चालकों पर जुर्माना भी लगाया गया।
जिले में बीते वर्ष 222 लोगों की सड़क हादसों में मौत हुई। इसके बाद भी आए दिन औसत दो लोगों की सड़क हादसे में मौत हो रही है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह सड़कों पर निर्धारित गति से तेज दौड़ रहे वाहन हैं। इसी को मद्देनजर रख ट्रैफिक विभाग तेज रफ्तार दौड़ते वाहनों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है। यातायात विभाग के वाहन में लगे ओवर स्पीड रडार की मदद से विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसकी मदद से करीब पांच सौ मीटर की दूरी से ही आने-जाने वाले वाहन की रफ्तार पता चल जाएगी। इसमें अगर कोई वाहन निर्धारित गति से अधिक पर वाहन चलाता पाया गया, तो उसका मौके पर पर ही चालान कर जुर्माना किया जाएगा। पहले दिन यातायात थाना प्रभारी निर्मल सिंह के नेतृत्व में स्टेट हाईवे (कुरुक्षेत्र-सहारनपुर) पर औरंगाबाद समीप विशेष अभियान चलाया गया। इसके तहत ओवर स्पीड रडार की मदद से सड़कों पर निर्धारित गति से तेज दौड़ रहे 45 वाहनों के चालान किए गए वहीं, उनके चालकों पर जुर्माना भी लगाया गया।
वाहनों की रफ्तार को लेकर तय हैं ये मापदंड
यातायात थाना प्रभारी निर्मल सिंह ने बताया कि हाईवे पर बड़े वाहन 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकते हैं। जबकि शिक्षा संस्थानों के समीप इनकी गति 30 किलोमीटर प्रति घंटा व गांव की सड़कों के समीप 60 किलोमीटर प्रति घंटा तय है। इसके अलावा बाइक हाइवे पर 50, आटो 40, शिक्षण संस्थान के समीप 30 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलाई जा सकती है। नगर निगम क्षेत्र में वाहन 45 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से चल सकते हैं।