सीबीएसई द्वारा 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम जारी करने के बाद विभिन्न स्कूल देर शाम तक अपने अलावा दूसरे स्कूलों का स्टेटस जानने में लगे रहे, ताकि जिले के टॉपर का पता लगाया जा सके। यहीं विद्यार्थी व उनके अभिभावक भी देखने को मिली। अन्य स्कूलों से मिलान करने के बाद स्कूलों की ओर से उनके विद्यार्थियों के विभिन्न स्ट्रीम में डिस्ट्रीक टॉपर होने की बात कही गई। इसके तहत एसडी पब्लिक स्कूल जगाधरी की छात्रा श्रद्धा दुआ नॉन-मेडिकल में 98 प्रतिशत अंकों के साथ टॉपर रही। जबकि मेडिकल में 96.4 प्रतिशत अंकों से स्प्रिंग डेल्स पब्लिक स्कूल जगाधरी की अदिति व कॉमर्स में 96.8 प्रतिशत अंकों से सेक्रेट हार्ट कॉन्वेंट स्कूल जगाधरी से अर्शद अग्रवाल टॉपर रहे। तीनों अपनी स्ट्रीम के मुताबिक अलग-अलग ख्वाब बन चुके हैं।
बिना ट्यूशन श्रद्धा ने पाए 98 प्रतिशत अंक
जगाधरी की एसडी पब्लिक स्कूल जगाधरी की छात्रा श्रद्धा दुआ की मानें उसने बिना किसी ट्यूशन रखे रोज स्कूल के बाद सिर्फ तीन घंटे की सेल्फ स्टडी से नॉन मेडिकल में 98 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। गांधीधाम की रहने वाली श्रद्धा दुआ के पिता विनेश दुआ दूरसंचार विभाग में एसडीओ हैं, जबकि मां रजनी गृहणी हैं। परिजनों का कहना है कि श्रद्धा दुआ नर्सरी से 12वीं तक जगाधरी के एसडी पब्लिक स्कूल की ही छात्रा रही। और हर कक्षा में टॉप करना उसकी आदत बन गई है। दसवीं कक्षा में भी श्रद्धा ने 10 सीजीपीए हासिल किए थे और अब 12वीं में भी 98 प्रतिशत अंक पाकर उनका व स्कूल और जिले का नाम रोशन किया। श्रद्धा ने कहा कि वह इंजीनियर बनकर देश की सेवा करना चाहती है। उसके केमेस्ट्री व मैथ में पूरा अंक आए। उसे बैडमिंटन खेल का भी शोक है, जिसके जरिए वह पढ़ाई के बोझ से राहत महसूस करती है।
अर्शद का सीए बनने का सपना
सेक्रेट हार्ट कॉन्वेंट स्कूल जगाधरी के छात्र अर्शद अग्रवाल का कहना है कि वह अपने पिता के नक्शे कदम पर चलते हुए सीए बनने के लिए पूरी मेहनत कर रहा है। इसीलिए उसने 12वीं में कॉमर्स स्ट्रीम को चुना। रोज आठ-दस घंटे पढ़ाई को देते हुए उसने कॉमर्स में 96.8 प्रतिशत अंक हासिल किया। छोटी लाइन प्रोफेसर कॉलोनी में रहने वाले अर्दश के पिता अश्वनी अग्रवाल खुद सीए हैं। उनकी मानें तो वह बेटे के अपनी तरह सीए बनने के ख्वाब को पूरा करने में मदद कर रहे हैं।
डाक्टर बनने का सपना संजोए है अदिति
स्प्रिंग फील्ड पब्लिक स्कूल जगाधरी की अदिति ने मेडिकल में 96.4 प्रतिशत अंक लेकर टॉप किया। अदिति के पिता डॉ. संजय गोयल पशु चिकित्सक है और अदिति भी डाक्टर बनने का सपना संजोए हुए हैं। वह कहती है कि वह डाक्टर बन कर समाज सेवा करना चाहती है। इसके लिए उसने 11वीं व 12वीं में रोज स्कूल के अलावा सात-आठ घंटे स्टडी की। साथ ही पढ़ाई का बोझ न रहे इसके लिए अपनी रूचि के मुताबिक रोज बैडमिंटन खेल का समय दिया। अब अच्छे अंक आने पर एमबीबीएस करने का मन बना चुकी है और इसके लिए टेस्ट भी दे चुकी हैं। अदिति की मां मन्नू गोयल गृहणि हैं।