सोशल मीडिया पर वायरल टाइगर की फोटो को वन मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने अपने फेसबुक अकाउंट पर शेयर कर लिखा कलेसर नेशनल पार्क, यमुनानगर में वर्ष 1913 के बाद अप्रैल 2023 में राष्ट्रीय पशु बाघ (टाइगर) दिखना पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। वन एवं वन्य जीव प्राकृतिक धरोहर है, हम सबको इनके संरक्षण के लिए अवश्य कार्य करना चाहिए।
पहले विभाग को बाघ के संदिग्ध पगमार्क दिखाई थे
वहीं जिला वन्य जीव प्राणी विभाग इंस्पेक्टर सुनील तंवर ने बताया कि यह फोटो यमुनानगर की है या नहीं इसके बारे में पता किया जा रहा है। चूंकि यह फोटो वायरल भी हो रही है। कुछ दिन पहले विभाग को भी बाघ के संदिग्ध पगमार्क दिखाई दिए थे।
यमुना नदी उत्तर प्रदेश के साथ पूर्वी सीमा बनाती है
कलेसर राष्ट्रीय उद्यान हिमालय की शिवालिक पर्वतमाला की तलहटी में स्थित है। यह हरियाणा के यमुनानगर जिले के अंतर्गत आता है और तीन राज्यों हिमाचल, उतराखंड व यूपी के साथ सीमा साझा करता है। यमुना नदी उत्तर प्रदेश के साथ पूर्वी सीमा बनाती है। कलेसर राष्ट्रीय उद्यान का नाम संरक्षित क्षेत्र में स्थित कलेसर (शिव) मंदिर के नाम पर रखा गया है।
क्षेत्रफल 13209 एकड़ है
पूरा क्षेत्र जैव-विविधता से भरा हुआ है जिसमें घने साल व खैर के जंगल और घास के मैदान हैं। कलेसर नेशनल पार्क को 8 दिसंबर 2003 को 11570 एकड़ क्षेत्र में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया था। राष्ट्रीय उद्यान के ठीक बगल में कलेसर वन्यजीव अभयारण्य है और इसे 13 दिसंबर 1996 को अधिसूचित किया गया था, जिसका क्षेत्रफल 13209 एकड़ है।
छोटी बरसाती नदी के अंदर रेत में बने मिले पगमार्क
यमुनानगर। वन मंत्री कंवरपाल द्वारा वीरवार की फेसबुक पोस्ट के बाद विभाग कर्मी भी टाइगर तलाशने में जुटे हैैं आखिर टाइगर आया कहां से। अभी तक विभाग के लिए यह संशय बना हुआ है, इसी बीच शुक्रवार को टाइगर के पगमार्क मिलने की एक और नई तस्वीर सामने आ गई। सूत्रों के अनुसार ये टाइगर के संदिग्ध पगमार्क कलेसर नदी के बीच से गुजर रही छोटी बरसाती नदी के अंदर रेत में बने मिले हैं।