हरियाणा रोडवेज ज्वाइट एक्शन कमेटी के आह्वान पर यमुनानगर रोडवेज डिपो के सैकड़ों कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इससे पूर्व कर्मचारी रोडवेज वर्कशॉप में इकट्ठे हुए और यहां से प्रदर्शन करते हुए बस स्टैंड परिसर में पहुंचे और जमकर नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन की अध्यक्षता सभी रोडवेज यूनियनों के प्रधान रतन सिंह, रविंद्र सिंह, वरयाम सिंह व प्रताप सिंह ने की। मंच संचालन ईश्वर सिंह और पवन कुमार ने किया।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि जिन निजी परमिटों के विरोध में कुछ माह पूर्व कर्मचारी हड़ताल पर चले गए थे, तब सरकार ने कर्मचारियों को विश्वास दिलाया था कि वह इस पालिसी को रद्द करेंगे, लेकिन अब सरकार अपने वादे से मुकर गई है। फिर से निजी बसों को चलाया जा रहा है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर सरकार अपनी हरकतों से बाज नहीं आई तो कर्मचारी फिर से हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे। सरकार बार-बार वादे से मुकर रही है और रोडवेज का निजीकरण करने में लगी हुई है। लेकिन कर्मचारी सरकार को इस मिशन में कामयाब नहीं होने देगा। उन्होंने कहा कि बैठक में निर्णय लिया गया कि 16 जून को मतलोडा में पूरा रोडवेज कर्मचारी परिवहन मंत्री कार्यालय का घेराव करेंगे। उसके बाद भी सरकार ने निर्णय वापस नहीं लिया तो नौ जुलाई को हरियाणा के मुख्यमंत्री का करनाल स्थित आवास पर घेराव किया जाएगा। जब तक निजीकरण की पालिसी रद नहीं होती, तब तक यह आंदोलन ऐसे ही चलता रहेगा।