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ऑनलाइन फार्मेसी के विरोध में 950 दुकानों पर ताले लटके

Wed, 31 May 2017 12:15 AM IST
yamunanagar beuro
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g - फोटो : yamunanagar
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जिले भर की 950 कैमिस्ट की दुकानों पर मंगलवार को ताले लटके रहे। इस बीच सुबह से देर शाम तक मरीज व तीमारदार दवा के लिए भटकते दिखे। दरअसल, ऑनलाइन फार्मेसी के विरोध में हरियाणा स्टेट कैमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के आह्वान पर मंगलवार को कैमिस्ट्स ने हड़ताल रखी। हालांकि हड़ताल के दौरान इमरजेंसी केसिस में दवा उपलब्ध कराने की बात कही गई। जबकि अन्य मरीजों व उनके तीमारदारों दवा के लिए भटकने के लिए मजबूर होना पड़ा।
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जिले में कैमिस्ट्स की 950 दुकानें हैं, जिनमें ट्विनसिटी (यमुनानगर-जगाधरी) में करीब 650 दुकानें हैं। ऑनलाइन फार्मेसी सहित सरकार द्वारा मेडिकल शॉप का सारा रिकॉर्ड ऑनलाइन रखने के नियम का कैमिस्ट्स कुछ समय से विरोध कर रहे हैं। सरकार द्वारा उनकी समस्या पर ध्यान न दिए जाने पर बीती 26 मई को हरियाणा स्टेट कैमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने डीसी को ज्ञापन देकर 30 मई को प्रदेश के सभी कैमिस्ट्स के हड़ताल पर जाने की बात कही थी। इसके तहत मंगलवार को जिले के सभी कैमिस्ट्स व अन्य स्टाफ हड़ताल पर रहे। जिलेभर की लगभग सभी मेडिकल की दुकानें नहीं खुली और उन पर दिनभर ताला लटका रहा। इसके चलते मरीजों व तीमारदारों को दवा के लिए भटकना पड़ा। सरकारी अस्पतालों व डिस्पेंसरियों समेत कुछ निजी अस्पतालों में मेडिकल दुकानें खुले होने से कुछ हद तक मरीजों व तीमारदारों को राहत मिली।

 
रिकॉर्ड को ऑनलाइन रखना मुश्किल
हरियाणा स्टेट कैमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के प्रदेश प्रधान मंजीत शर्मा ने कहा कि सरकार सभी मेडिकल शॉप को ऑनलाइन करना चाहती है, किंतु इससे दुकानदार के साथ ग्राहक पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। चूंकि इंटरनेट की सुविधा हर जगह नहीं है और जहां है वहां धीमी गति व फाल्ट जैसी दिक्कतों से दो-चार होना पड़ता है। इससे सरकार की मंशा के मुताबिक पूरे रिकॉर्ड को ऑनलाइन रखना मुश्किल है। उनकी मांग है कि संसाधनों की कमी को मद्देनजर रख कैमिस्ट्स पर से यह नियम फिलहाल हटा दिया जाए।
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ऑनलाइन फार्मेसी से बिक रहे प्रतिबंधित दवा व सॉल्ट
हरियाणा स्टेट कैमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के महासचिव राजकुमार बंसल, यमुनानगर सिटी प्रधान चरणजीत सिंह मक्कड, जगाधरी सिटी प्रधान नरेश ढिंगराव एसोसिएशन के सदस्य शशी जयसवाल, जितेंद्र ङ्क्षसगी, राजू मक्कड़, जितेंद्र सिंह, संजय चड्ढा व राजेंद्र सिंह ने बताया कि ऑनलाइन फार्मेसी से प्रतिबंधित दवा व सॉल्ट भी बिक रहे हैं। जैसे सिग्रेट छुड़ाने के लिए निकोटैक्स प्रदेश में बैन है, लेकिन यह ऑनलाइन मंगाया जा रहा है। ऑनलाइन फार्मेसी पर उनकी तरह डॉक्टर की पर्ची पर ही दवा देने जैसी शर्त भी नहीं है। इससे उनकी मेडिकल दुकानों का कारोबार प्रभावित हुआ है, जबकि ऑनालाइन फार्मेसी में मेडिसिन की क्वालिटी का कोई भरोसा नहीं है। इसलिए उनकी मांग है कि ऑनालाइन फार्मेसी को तुरंत रोका जाए।

 
हड़ताल के बीच दवा के लिए मरीज हुआ भटकने पर मजबूर
यमुना विहार कॉलोनी के अनिल शर्मा ने बताया कि उनकी माता गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। जिसके लिए उन्हें सुबह दवा की जरूरत थी। लेकिन हड़ताल से कई मेडिकल शॉप पर गए तो बंद मिलीं। काफी देर बाद भटकने पर एक निजी अस्पताल से उन्हें दवा मिल गई। इसी तरह रामनगर की अनु ने बताया कि वह कुछ दिन से बीमार है, वह सुबह मेडिकल शॉप दवा लेने गई। लेकिन हड़ताल के चलते उसे दवा नहीं मिल पाई। इसी तरह अन्य कई मरीज व उनके तीमारदारों को दवा के लिए दिनभर भटकना पड़ा। हालांकि हड़ताल के दौरान सरकारी अस्पतालों, डिस्पेंसरियों व निजी अस्पताल में एमरजेंसी केसिस में दवा उपलब्ध होने से लोगों को कुछ राहत मिल पाई।
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