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तनाव से मुक्ति के लिए नियमित योगाभ्यास और मेडिटेशन जरूरी: डॉ दहिया

Sat, 08 Apr 2017 12:20 AM IST
yamuna nagar beuro
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c - फोटो : yamuna nagar
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तनाव से संबंधित रोगियों की संख्या में दिन प्रतिदिन इजाफा हो रहा है। विश्व में तीन हजार मिलियन से अधिक लोग तनाव से ग्रसित हैं। यह बात विश्व स्वास्थ्य दिवस पर शुक्रवार को डीएवी गर्ल्स कॉलेज में रेड रिबन क्लब और वुमन स्टडी सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में तनाव ग्रस्त जीवन तथा मुक्ति के उपाय विषय पर एक्सटेंशन लेक्चर में सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ विजय दहिया कही।
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उन्होंने कहा कि मन का दुखी रहना, काम में मन न लगाना और सही प्रकार से दिनचर्या न कर पाना तनाव का मुख्य कारण है। इसके अलावा जिन लोगों को सही प्रकार से भूख नहीं लगती या फिर नींद नहीं आती, उनमें भी तनाव के लक्षण होते हैं। उन्होंने बताया कि रोजमर्रा की जिंदगी में सामान्य सी तब्दीलियां कर तनाव से बचा जा सकता है। इसके लिए नियमित रूप से योगाभ्यास और मेड़िटेशन करना चाहिए।

वहीं, पोषक आहार, 6 से 7 घंटें की नींद, परिवार, मित्रों के साथ ज्यादा से ज्यादा समय व्यतीत करना और चिकित्सक परामर्श आदि के जरिए डिप्रेशन से बचा जा सकता है। तनाव ग्रस्त 90 प्रतिशत केस उपरोक्त परामर्श को अमल में लाने से ठीक हो जाते हैं। अगर डिप्रेशन से मुक्त होने के लिए कोई दवाई का सेवन करता है, तो यह जरूरी नहीं कि उसे ताउम्र उसका सेवन करना चाहिए। सामान्य स्थिति महसूस करने से वह दवा के सेवन को छोड़ सकता है। तनाव से मुक्ति पाने के लिए जागरूकता की जरूरत है।
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उदाहरण के तौर पर उन्होंने बताया कि अगर कोई लड़की साइक्लोजिस्ट से परामर्श लेती है, तो समाज उसे पागल समझने लगता है। जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए। इस मौके पर प्रधानाचार्य डॉ. सुषमा आर्य, वुमन स्टडी सेंटर की डायरेक्टर डॉ. विश्व मोहिनी, हिंदी विभागाध्यक्षा डॉ. विश्व प्रभा, वाणिज्य विभाग की प्राध्यापिका मोनिका शर्मा, पूजा, रेड रिबन क्लब इंचार्ज डॉ. सीमा सेठी और लवली राज उपस्थित रहीं। 
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