एसडीएम विश्वनाथ को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी। संवाद
यमुनानगर। संयुक्त किसान मोर्चा व केंद्रीय ट्रेड यूनियन के आह्वान पर विभिन्न संगठनों के कर्मचारियों ने नए श्रम कानूनों के खिलाफ बुधवार को सड़क पर उतर कर रोष जताया। सैकड़ों की संख्या में कर्मियों ने कन्हैया साहिब चौक से जिला सचिवालय तक रोष मार्च निकाला। यहां जगाधरी अनाज मंडी गेट पर केंद्र सरकार का पुतला फूंका और नए श्रम कानूनों की प्रतियां जलाईं। साथ ही सरकार विरोधी नारेबाजी करने के बाद राष्ट्रपति के नाम डीसी को ज्ञापन सौंपा। इसमें नए कानून वापस लेने की मांग की।
रोष प्रदर्शन की अगुवाई किसान सभा के जिला प्रधान जरनैल सिंह सांगवान, किसान सभा अजय भवन के गुरभजन सिंह, सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान महिपाल सौडे, सीटू की जिला संयोजक शरबती, एटक के जिला प्रधान फूल सिंह, इंटक के जिला प्रधान धर्मपाल, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला प्रधान जोत सिंह ने की। मंच संचालन सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला सचिव गुलशन भारद्वाज ने किया। कन्हैया साहिब चौक के पास स्थित तिकोना पार्क में धरने के दौरान किसान नेता महिपाल चमरौडी व धर्मपाल चौहान ने किसान मोर्चे की मांगें बताई। सर्व कर्मचारी संघ के जिला सचिव गुलशन भारद्वाज ने कहा कि सरकार सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का कर पूर्ण वेतनमान व पुरानी पेंशन योजना लागू करे। खाली पदों पर भर्ती की जाए, ठेका प्रथा व निजीकरण पर रोक लगाई जाए। सभी के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार व आवास का प्रबंध किया जाए। रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला सचिव सोमनाथ ने कहा कि 65 वर्ष की आयु पर दस प्रतिशत व 75 वर्ष की आयु पर पेंशन में 20 प्रतिशत बढ़ोतरी की जाए।
एसडीएम विश्वनाथ को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी। संवाद
एसडीएम विश्वनाथ को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी। संवाद
एसडीएम विश्वनाथ को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी। संवाद