संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। कस्बे में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ पर सोमवार को कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा में 251 महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर नगर भ्रमण किया। इस दौरान जयकारे गूंजते रहे।
धार्मिक आस्था और श्रद्धा से ओतप्रोत इस यात्रा में महिलाओं, युवाओं और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक से भाग लिया। कलश यात्रा श्रीखेड़ा मंदिर से विधिवत पूजा के बाद आरंभ हुई। यात्रा के दौरान महिलाएं भजन-कीर्तन, जय श्रीकृष्ण व राधे-राधे के जयकारों के साथ आगे बढ़ती रहीं। इससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
कलश यात्रा खेड़ा मंदिर से मुख्य बाजार, छोटा बस स्टैंड, काली माता मंदिर सहित विभिन्न मार्गों से होती हुई कथा स्थल खेड़ा लंगर हाल पहुंचकर संपन्न हुई। रास्ते में विभिन्न स्थानों ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए जलपान और प्रसाद की भी व्यवस्था की गई।
सरपंच प्रतिनिधि पंकुश खुराना ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को संस्कार, भाईचारे और सद्भावना से जोड़ने का माध्यम है। उन्होंने बताया कि गांववासियों के सहयोग से कथा किया जा रहा है और श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा प्रतिदिन शाम सात से रात 10 बजे तक होगी। कथा व्यास स्वामी श्यामानंद महाराज वृंदावन वाले अपनी ओजस्वी वाणी से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, धर्म, भक्ति और मानव जीवन के आदर्शों का संदेश देंगे। इस दौरान जगदीश कुमार, अनिल कंकड़, मा. रविभूषण, पंच संदीप कुमार, अशोक धीमान, डॉ. सुभाष, राजकुमार वर्मा, सन्नी वर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।
यात्रा के दौरान सिर पर कलश लेकर नगर भ्रमण करतीं महिलाएं। संवाद