संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। अहड़वाला गांव में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रहा रिया स्वयं सहायता समूह आज ग्रामीण महिला सशक्तिकरण की एक सफल मिसाल बनकर उभरा है। वर्ष 2019 में शुरू हुए इस समूह से जुड़ी महिलाएं प्रशिक्षण, सरकारी योजनाओं और सामूहिक प्रयासों के बल पर स्वरोजगार अपनाकर आर्थिक रूप से मजबूत बन रही हैं।
समूह की गतिविधियों ने न केवल महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार किया है, बल्कि गांव के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी नई दिशा दी है। समूह की कोषाध्यक्ष सोनिका ने बताया कि रिया ग्रुप में वर्तमान में 10 महिलाएं सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। महिलाओं को पशुपालन, ब्यूटी पार्लर, कंप्यूटर शिक्षा और आधुनिक खेती से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान किए जा रहे हैं।
इसके अलावा मशरूम और ब्रोकली जैसी उन्नत फसलों की खेती की जानकारी भी दी जा रही है, जिससे महिलाएं कम लागत में अधिक आय अर्जित कर सकें। समूह से जुड़ी महिलाएं सिलाई-कढ़ाई और अन्य घरेलू उद्योगों के माध्यम से भी अपनी आय बढ़ा रही हैं। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद महिलाओं को सरकारी योजनाओं के तहत ऋण सुविधा उपलब्ध करवाई जाती है।
महिलाएं अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए विभिन्न स्थानों पर आयोजित प्रदर्शनियों में भी भाग ले चुकी हैं। हाल ही में आदिबद्री में आयोजित प्रदर्शनी में समूह की महिलाओं ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया और प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ भी विचार साझा किए। इस अवसर ने महिलाओं को अपने कार्यों को व्यापक पहचान दिलाने का अवसर प्रदान किया।
ग्राम सभा झिलमिल क्षेत्र में करीब 120 महिलाएं विभिन्न स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हुई हैं, जिनमें रिया ग्रुप प्रमुख स्थान रखता है। समूह की प्रधान पिंकी और सचिव निशा के नेतृत्व में महिलाएं सामूहिक रूप से आगे बढ़ रही हैं। समूह की सदस्य हीरा देवी, गीता देवी, दीपा, अनन्या, सुखविंद्र, रानी देवी, बाला देवी सहित अन्य महिलाएं स्वरोजगार कर रही हैं।
समूह की प्रधान पिंकी ने कहा कि यदि महिलाओं को सही मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और सहयोग मिले तो वे किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकती हैं। रिया ग्रुप इसी सोच को साकार कर रहा है। समूह की सफलता ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है और यह साबित कर रही है कि सामूहिक प्रयासों से आत्मनिर्भरता का सपना आसानी से साकार किया जा सकता है।
आरसेटी के माध्यम से नि:शुल्क प्रशिक्षण
जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र शर्मा, खंड कार्यक्रम अधिकारी धर्मवीर कांबोज, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर अनुराधा और लिपिक हैप्पी सिंह के मार्गदर्शन में महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। आरसेटी यानि रूरल सेल्फ एम्प्लॉयमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की कोऑर्डिनेटर मोनिका कांबोज ने बताया कि संस्थान के माध्यम से महिलाओं को निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।