संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में ठंड बढ़ने और धूप कम निकलने का असर अब महिलाओं की सेहत पर साफ नजर आने लगा है। खासकर घरेलू कामकाज करने वाली महिलाएं हाथों में अकड़न, दर्द और जलन की शिकायत लेकर डॉक्टरों के पास पहुंच रही हैं। कई महिलाओं के हाथों में लाल रंग के निशान भी दिखाई देने लगे हैं। इसे मेडिकल भाषा में चिलब्लेंस कहा जाता है।
लगातार ठंडे पानी में काम करने और ठंड से बचाव के पर्याप्त उपाय न करने के कारण यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। यह समस्या तब होती है जब ठंड के संपर्क में आने से खून की नसें सिकुड़ जाती हैं और उनमें खून का संचार प्रभावित हो जाता है। जिन महिलाओं की नसें ठंड के प्रति ज्यादा संवेदनशील होती हैं, उनमें यह परेशानी अधिक देखी जा रही है।
चिलब्लेंस के कारण हाथों में सूजन, लालिमा, खुजली, जलन और तेज दर्द हो सकता है। कई मामलों में हाथों की त्वचा रूखी हो जाती है और काम करने में दिक्कत आने लगती है। सुबह और शाम के समय ठंड अधिक होने के कारण यह समस्या और भी बढ़ जाती है। आयुष विभाग के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय कुमार का कहना है कि उनके पास रोजाना चिलब्लेंस से पीड़ित महिलाएं बड़ी संख्या में पहुंच रही हैं।
उन्होंने बताया कि इस मौसम में महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। घरेलू काम करते समय हाथों को ठंड से बचाना जरूरी है। ठंडे पानी के बजाय गुनगुने पानी का इस्तेमाल करना चाहिए। हाथों में नमी बनाए रखने के लिए ऐसी क्रीम लगानी चाहिए जिससे त्वचा सूखी न रहे। इसके अलावा नारियल तेल का नियमित उपयोग भी लाभकारी होता है।
उन्होंने बताया कि यदि किसी महिला को एलर्जी या ज्यादा जलन की शिकायत रहती है तो बर्तन धोते समय या अन्य काम करते हुए प्लास्टिक के दस्ताने पहनने चाहिए। इससे हाथ सीधे ठंडे पानी और केमिकल के संपर्क में नहीं आएंगे। हाथों को अचानक ज्यादा गर्मी में न रखें, बल्कि धीरे-धीरे गर्म करें। यदि समस्या ज्यादा बढ़ जाए, हाथों में ज्यादा दर्द, सूजन या फफोले हो जाएं तो बिना देर किए चिकित्सक से चेकअप कराना चाहिए। समय पर देखभाल से चिलब्लेंस से बचा जा सकता है।