यमुनानगर। व्यासपुर क्षेत्र के रणजीतपुर स्थित भगवानपुर गांव की रहने वाली संगीता देवी ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरी हैं। उन्होंने वर्ष 2019 में हर्ष स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अपने जीवन की नई शुरुआत की थी। समूह जुड़ी 10 महिलाएं पहले घर तक सीमित थीं। अब वे स्वरोजगार के जरिए आत्मनिर्भर बन रही हैं।
समूह की प्रधान लक्ष्मी देवी, सचिव सविता और खजांची संगीता देवी हैं। लक्ष्मी देवी जहां स्कूल में मिड-डे मील बनाने का कार्य करती हैं, वहीं संगीता देवी खजांची के पद पर होने के बावजूद समूह के अधिकतर कार्यों की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें गांव में एक अलग पहचान दिलाई है।
संगीता केवल समूह तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उन्होंने सीएससी सेंटर, ब्यूटी पार्लर और कॉस्मेटिक की दुकान भी शुरू की है। इन कार्यों में उनके परिवार का पूरा सहयोग मिल रहा है, जिससे वे लगातार आगे बढ़ रही हैं। इसके साथ ही वे सिलाई-कढ़ाई का कार्य कर अच्छी आय अर्जित कर रही हैं और अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
हर्ष समूह शिवम ग्राम संगठन और अरमान क्लस्टर के अंतर्गत कार्य कर रहा है। इस क्लस्टर में कुल 18 समूह हैं, जिनमें लगभग 180 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। सभी महिलाएं विभिन्न प्रकार के कार्यों आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रही हैं। संगीता देवी ने बताया कि आज वे जिस मुकाम पर पहुंची हैं, वह उनकी मेहनत और परिवार के सहयोग का परिणाम है। उनका मानना है कि यदि परिवार का साथ मिले तो महिलाएं किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकती हैं। संवाद
महिलाओं को देते हैं प्रशिक्षण : कांबोज
जिला कार्यक्रम प्रबंधक देवेंद्र कांबोज ने बताया कि महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाते हैं। इन प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाएं नए कौशल सीखकर स्वरोजगार शुरू कर रही हैं। कई महिलाएं लोन की सुविधा लेकर अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा रही हैं, जिससे उनका सामाजिक और आर्थिक स्तर लगातार बेहतर हो रहा है।