कलेसर के साथ लगते खेतों में उजाड़ी गई गन्ने की फसल। संवादु
प्रतापनगर। कलेसर जंगल से निकल कर जंगली हाथी आए दिन खेतों व आबादी का रुख कर रहे हैं। किसान वन्य प्राणी विभाग कलेसर को गुहार लगाकर थक चुके हैं, लेकिन अभी तक हाथियों को जंगल से बाहर आने से रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
पिछले कई दिनों से जंगली हाथी साथ लगते गांवों व खेतों का रूख कर फसलों को खराब कर रहे हैं। खेतों में खड़ी दर्जनों एकड़ गन्ने की फसलों को हाथी उजाड़ चुके हैं। किसान फसल को बचाने के लिए काफी चिंतित है और वन्य प्राणी विभाग से जंगली जानवरों को जंगल में भेजने की कई बार गुहार लगा चुके है। ग्रामीण पप्पू राणा, राजकुमार राणा, बलदेश, सुरेश कुमार ने बताया कि पिछले कई दिनों से जंगली हाथी जंगल से निकलकर उनकी गन्ने की फसल को बर्बाद कर रहे हैं। किसान पूरी रात खेतों में रहकर फसलों की रखवाली कर रहे हैं और हाथी जंगल से निकलकर सुबह के समय खेतों में घुसकर फसलों को उजाड़ रहे है। हालांकि वन्य प्राणी विभाग के कर्मचारी रात को गश्त भी दे रहे हैं। किसानों का कहना हैं वन्य प्राणियों से फसलों व आम जनता की रक्षा करने की जिम्मेदारी वन्य प्राणी विभाग कलेसर की है। बार-बार सूचित करने गुहार लगाने के बाद भी वन्य प्राणी विभाग मौका पर भी बाद में पहुंचता है और कागजी कार्रवाई कर वापस लौट जाते हैं।
इस बारे में वन्य प्राणी विभाग कालेश्वर के इंस्पेक्टर लीलू राम ने बताया कि जंगली जानवर जंगल से निकलकर खुले में चले जाते हैं। विभाग का प्रयास रहता है की वन्य प्राणी जंगल में ही रहे, लेकिन वन्य जीव कहीं भी निकल जाते हैं। उन्होंने लोगों से आह्वान किया अपने खेतों में लाइट या आग जलाकर रखें। आग देखकर हाथी वापस लौट जाता है।