संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। कृषि विभाग हरियाणा एवं भारत सरकार के क्षेत्रीय केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र फरीदाबाद की संयुक्त टीम ने शनिवार को खरकाली बकाली, मेहरा गावों में धान में बौने पौधे की बीमारी का निरीक्षण किया। सर्वेक्षण के दौरान खेत में सफेद पीठ वाला तेला देखा गया जो कि बौना रोग का वाहक है।
खेत में कुछ पौधे बौने पाए गए जो की आर्थिक हानि स्तर से कम मात्रा में थे। किसानों को सुझाव दिया गया कि वह अपने खेत में गहनता से निगरानी रखें और सफेद पीठ वाला तेला दिखाई देने पर केंद्रीय कीटनाशी बोर्ड व पंजीकरण समिति द्वारा अनुशासित कीटनाशकों का अनुशासित मात्रा मात्रा में बुप्रोफेजिन 25 प्रतिशत ऐश सी, फिप्रोनिल आदि का छिड़काव करें।
खेत में मौजूद बोने रोग से प्रभावित पौधों को उखाड़ कर हटा दें। इस टीम में फरीदाबाद के क्षेत्रीय प्रमुख एवं उपनिदेशक डॉ. वंदना पांडे, डॉ. लक्ष्मी चंद वनस्पति संरक्षण अधिकारी, लखमी चंद, कुमारी रुबी वैज्ञानिक सहायक, जमुना नेगी वनस्पति संरक्षण अधिकारी, डॉ. अमित कंबोज खंड कृषि अधिकारी लाडवा, राकेश सहारण कृषि विकास अधिकारी गुढ़ा मौजूद रहे।