संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले की अनाज मंडियों में अब गेहूं की आवक तेजी से घटने लगी है। जहां कुछ दिन पहले तक प्रतिदिन 20 हजार मीट्रिक टन से अधिक गेहूं मंडियों में पहुंच रहा था, वहीं अब यह घटकर औसतन छह से सात हजार मीट्रिक टन रह गया है।
रविवार को अवकाश के कारण खरीद कार्य बंद रहा, जिसके चलते सोमवार को मंडियों में गेहूं से भरी ट्रालियों की संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिली। कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जिले में गेहूं की कटाई लगभग समाप्ति की ओर है। अब केवल उन्हीं खेतों में फसल बची है जहां पॉपुलर के पेड़ लगे हुए हैं। इन खेतों में कंबाइन मशीन से कटाई संभव नहीं होने के कारण किसानों को हाथों से फसल कटवानी पड़ रही है। भीषण गर्मी के बीच मजदूरों की कमी भी किसानों के लिए बड़ी समस्या बन रही है, जिससे कटाई कार्य में देरी हो रही है।
अब तक विभिन्न अनाज मंडियों में 2,87,384.52 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है, जबकि खरीद एजेंसियों द्वारा 2,58,640 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है। इसमें खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा 79,489 मीट्रिक टन, हैफेड द्वारा 1,35,525 मीट्रिक टन और हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन द्वारा 43,626 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद शामिल है।
उठान की स्थिति में भी अब सुधार देखने को मिल रहा है। अब तक 1,97,263 मीट्रिक टन गेहूं का उठान किया जा चुका है, जो कुल खरीद का 76.26 प्रतिशत है। उठान में अब कोई विशेष समस्या नहीं है और मंडियां धीरे-धीरे खाली होने लगी हैं।
भुगतान की बात करें तो अब तक 560 करोड़ रुपये से ज्यादा किसानों के खातों में भेजे जा चुके हैं। इससे किसानों को राहत मिली है और खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी है।
हालांकि, आवक में अब करीब 40 प्रतिशत की कमी आ चुकी है, जो इस बात का संकेत है कि गेहूं सीजन अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। आने वाले दिनों में मंडियों में और कमी आने की संभावना जताई जा रही है।
जगाधरी अनाज मंडी में गेहूं को साफ करते मजदूर। संवाद