संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सेक्टर-17 में गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ चुका है। नगर निगम से अनुबंधित एजेंसी की ओर से घरों से कचरा एकत्रित करते समय गीले और सूखे कूड़े को अलग-अलग रखा जाता है। यही कचरा गुलाब नगर स्थित डंपिंग प्वाइंट पर पहुंचता है तो उसे एक ही स्थान पर डाल दिया जाता है।
ऐसे में वेलफेयर एसोसिएशन का सवाल है कि जब अंतिम स्तर पर कचरा मिलाया ही जाना है तो घरों से अलग-अलग संग्रहण का क्या औचित्य है। नगर निगम की ओर से सेक्टर-17 के निवासियों और एसोसिएशन पर कचरे का पृथक्करण सुनिश्चित करने काे कहा जा रहा है। एसोसिएशन के प्रधान देवेंद्र राणा का कहना है कि निगम की टिपर योजना सेक्टर में कभी सफल नहीं रही।
उन्होंने बताया कि पहले भी कई बार टिपर लगाए गए, लेकिन कुछ ही महीनों में सेवा ठप हो गई। वर्तमान में भी स्थिति यह है कि टिपर नियमित रूप से नहीं आते। कभी चालक की अनुपस्थिति तो कभी अन्य कारणों से कचरा उठान बाधित रहता है। उन्होंने बताया कि एसोसिएशन वर्षों से अपने स्तर पर कचरा संग्रहण की व्यवस्था कर रही है।
इसके तहत कर्मचारी घरों के अंदर जाकर कचरा उठाते हैं और डस्टबिन को वापस उसी स्थान पर रख देते हैं। प्रति घर 100 रुपये शुल्क लेकर एसोसिएशन न केवल कचरा प्रबंधन कर रही है, बल्कि गेट सुरक्षा, लाइब्रेरी संचालन और मरम्मत कार्य भी सुनिश्चित कर रही है।यह विवाद भले ही अब हुआ हो, लेकिन इससे पहले नगर निगम की कार्यप्रणाली पर पार्षद भी सवाल उठा चुके हैं।
नगर निगम ने कूृड़ा उठाने के लिए एजेंसी हायर कर रखी है। सेक्टर-17 की एसोसिएशन स्वयं कूड़ा उठवा कर बहुत अच्छा कार्य कर रही है। इस विवाद का जल्द ही समाधान निकाल लिया जाएगा।
- सुमन बहमनी, मेयर, नगर निगम।
गुलाब नगर में बनाए गए डंपिंग प्वाइंट पर कूड़ा बीनते लोग। संवाद