साढौरा। असगरपुर गांव के आरक्षित जंगल से खैर के पेड़ काट कर ले जा रहे चोरों ने वन विभाग के कर्मचारियों को अपने वाहन से कुचलने का प्रयास किया। वन कर्मचारियों ने समय रहते सड़क से नीचे कूद कर अपनी जान बचाई। इसके बाद कर्मचारियों ने करके वाहन को काबू कर लिया। जबकि खैर चोर अंधेरे का लाभ उठाते हुए मौके से फरार हो गए। वन विभाग के रेंजर कृष्ण कुमार की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरु कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में रेंजर कृष्ण कुमार ने बताया कि 20 फरवरी की अल सुबह गश्त के दौरान असगरपुर बीट के प्रभारी रामकुमार को जंगल से पेड़ काटने की आवाजें सुनाई दी। जिस पर उसने वन दारोगा बलबीर सिंह के साथ मिलकर जंगल की नाकाबंदी कर दी। सुबह लगभग पांच बजे वहां से एक यूटिलिटी गाड़ी आती हुई नजर आई। उसे रोकने की कोशिश करने पर यूटिलिटी चालक ने तेजी से गाड़ी चलाते हुए वन कर्मचारियों को कुचलने का प्रयास किया। कर्मचारियों ने सड़क से नीचे कूद कर अपनी जान बचाई। इसके बाद पीछा करके यूटिलिटी को घेर कर रोक लिया। जबकि चालक मौके का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा। जांच करने पर यूटिलिटी में खैर की लकड़ी के 15 टुकड़े लदे हुए पाए गए। बाद में जंगल में जांच करने पर वहां से खैर के पांच पेड़ कटे हुए पाए गए।
एसएचओ अमित कुमार ने बताया कि भारतीय वन अधिनियम के अलावा कई अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज करके जांच शुरु की गई है।
नाकाबंदी के दौरान खैर से लदी स्कार्पियो पकड़ी
साढौरा। साढौरा वन रेंज कार्यालय के कर्मचारियों ने पिलखनवाला गांव के पास नाकाबंदी करके वहां से गुजर रही एक स्कार्पियों को पकड़ा है। इस स्कार्पियो में खैर की लकड़ी लदी हुई थी। रेंज अधिकारी कृष्ण कुमार ने बताया कि छछरौली रेंज से प्राप्त सूचना के आधार पर पिलखनवाला के पास नाका लगाया गया था। इसी दौरान वहां पहुंची स्कार्पियो को जांच के लिए रोका गया तो उसमें खैर की लकड़ी लदी हुई थी। जबकि स्कार्पियो चालक मौके से फरार हो गया। वन विभाग ने स्कार्पियो को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरु की है। आशंका है कि यह खैर छछरौली रेंज के किसी आरक्षित वन से काटी गई है।